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CHAMBAL KI AWAZ चम्बल की आवाज़WE ARE LOCAL INHABITANTS OF CHAMBAL VALLEY IN INDIA WANT TO SAY SOME THING ABOUT US. |
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दल तंत्र भगाओ - जनतंत्र बचाओ अभियान में सहभागिता की अपील- गोपाल दास गर्गदल तंत्र भगाओ - जनतंत्र बचाओ अभियान में सहभागिता की अपील- गोपाल दास गर्ग सम्मानीय देशवासियों, आज की दल तंत्रीय राजनीति ने देश की एकता और अखण्डता को अक्षुण्ण बनाये रखना प्रश्नांकित कर दिया है। समूचे देश में चारों तरफ देश का विद्यटन हो रहा है। प्रत्येक राजनीतिक दल अपनी अपनी सत्ता और संप्रभुता स्थापित करने में लगा है। जिसके लिये वह आये दिन दलवाद, जातिवाद, लिंगवाद, भाषावाद, क्षेत्रवाद, आर्थिक सम्पन्नता/विपन्नता वाद आदि अनेकानेक वादों का जहर फैलाकर अपने अपने तरीके से अपने लक्ष्य को पाने के लिये अमर्यादित आचरण कर रहा है। यदि समय रहते जनतंत्र को बचाने का कोई कारगर उपचार नहीं हुआ तो देश से जंनतंत्र पूरी तरह मिट जावेगा। देश टुकड़े-टुकड़े हो जावेगा। आज का शोषित वर्ग और अधिक शोषित होगा तथा दल तंत्रीय राजनीति के पोषक, स्वंयभू बन जावेगें।
अभियान का किसी दल से या दल के प्रत्याशी से कोई विरोध नहीं है अपितु दल तंत्रीय शासन प्रणाली से विरोध है। दल का प्रत्याशी कहने को जनप्रतिनिधि होता है किन्तु व्यवहारिक सत्य यह है कि वह जनप्रतिनिधि के नाम वास्तविक तौर पर वह अपने दल का प्रतिनिधि होता है। उसकी निष्ठा पूर्णत: अपने दल के प्रति होती है। दल का प्रत्याशी देश, देश के संविधान, देश की जनता या क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति कतई वफादार नहीं होता। वह केवल अपने दल के प्रति ही वफादार रहता है। लोकसभा या विधानसभा में प्रस्तुत विषयों पर वह अपने दल के हितों के अधीन अपना वोट देता है न कि जनहित में। इस प्रकार जनहित, दलीय राजनीति में नष्ट हो जाता है। दल का प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि के रूप में समय-समय पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 173 (क) अंतर्गत बारम्बार यह शपथ लेता है कि वह विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रध्दा और निष्ठा रखेगा तथा भारत की संप्रभुता और अखण्डता को अक्षुण्ण रखेगा। किन्तु व्यवहार में वह इस शपथ को भूल जाता है और दलीय दल-दल में उलझ जाता है। इस सत्य का प्रमाण आये दिन सदन में सभी दलों द्वारा किये जा रहे आचरण से स्पष्ट प्रमाणित हो रहा है। कोई भी दल तथा उसके प्रतिनिधि स्परूप चुना गया प्रतिनिधि, विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति न तो सच्ची श्रध्दा रखता है और न ही निष्ठा। जनता द्वारा चुनें गये ये सभी जनप्रतिनिधि, भारत की संप्रभुता और अखण्डता को अक्षुण्ण न रखकर, केवल अपने-अपने दल की संप्रभुता और अखण्डता को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये भारत के संविधान तथा उसके अंतर्गत निर्मित एवं स्थापित विधि के विपरीत प्राय: अविधिक आचरण कर सदनों को आये दिन शर्मसार करते रहते है। सभी राजनीतिक दलों का यह आचरण, जनतंत्र की हत्या कर, दल तंत्र की महत्ता को प्रतिस्थापित करने की ओर अग्रसर होना इंगित करता है। जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप-प्रत्यारोप एक दल, दूसरे दल पर आये दिन लगाता रहता है किन्तु रिश्वत लेने व देने के लिये निर्मित भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत अपेक्षित कार्यवाही करने या कराने की पहल किसी भी दल द्वारा नहीं की जाती है। राजनीतिक दलों का यह आचरण भारत की जनता को यह संदेश देता हैं कि कोई भी दल भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रध्दा और निष्ठा नहीं रखता है और न ही संसद द्वारा बनाये गये किसी कानून के अनुपालन में उनकी स्वयं की कोई रूचि ही है। भारत देश में संवैधानिक विधि द्वारा निर्मित व स्थापित कानून का शासन है जो देश के प्रत्येक राजनीतिक दल, दल के पदाधिकारी, प्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं नागरिक पर बिना किसी भेदभाव के समान रूप से प्रभावी है। किन्तु आये दिन देखने में यह आ रहा है कि कोई भी राजनीतिक दल संवैधानिक विधि द्वारा निर्मित व स्थापित कानून का पालन नहीं करना चाहता है तथा संवैधानिक विधि द्वारा निर्मित व स्थापित कानून को कानून मानने के लिये तैयार नहीं है। प्रत्येक राजनीतिक दल स्वविचारित विचार को ही कानून की संज्ञा देकर, जनहित के नाम पर, अपने-अपने दलों की श्रेष्ठता व महत्ता को प्रतिष्ठित व प्रतिपादित करने के लिये आये दिन समूचे देश में हड़ताल, बाजार बंदी, चक्काजाम, तोड़-फोड़, लूटपाट, दंगाफसाद, धार्मिक उन्माद, बम विस्फोट आदि अनेकानेक भिन्न-भिन्न विद्यटनात्मक तथा हिंसात्मक तरीके अमल में लाते हुये राष्ट्रीय सम्पत्तियों को क्षति तथा देश की आम जनता को जन-धन की हानि पहुचाने जैसी गतिविधियों में संलग्न रहता है। दलबंदी के इस आचरण से देश में भ्रष्टाचार, अनाचार, अत्याचार और महगांई में आये दिन उत्तरोत्तर वृध्दि होती जा रही है। राजनीतिक दलों का यह आचरण जनतंत्र की हत्या कर, दल तंत्रीय राष्ट्र्र्र की स्थापना किये जाने का द्योतक है। इसलिये दलतंत्र भगाओं - जनतंत्र बचाओं अभियान का दीप प्रज्वलित करना आज के समय की प्रासंगिकता है। दल तंत्र को भगाना और जनतंत्र को बचाना हमारे अभियान का लक्ष्य है। लक्ष्य प्राप्ति के चार कारक है 1. निष्ठा 2. श्रम 3. कर्म 4. साधना। यदि आप देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत है और अपनी स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाये रखने हेतु संकल्पित, देश पर अपनी जान न्यौछावर करने हेतु तत्पर, किसी भी प्रकार के लालच से परे, निष्ठा के धनी, श्रम को समर्पित, कर्म के पुजारी और साधना के साधक है तो इस अभियान को गति प्रदान करने में अपना योगदान दे सकते है। दलतंत्र भगाओ - जनतंत्र बचाओं अभियान के दीप - प्रज्जवन का प्रथम चरण, हमारा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मुरैना विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना था। इस कार्य के लिये हमें किसी भी प्रकार के धनबल व बाहुबल की कतई दरकार नहीं रही। हमने सिर्फ मतदाता के जनमत समर्थन को शीर्ष प्राथमिकता दी। हम यह अच्छी तरह जानते है कि दलतंत्र का खात्मा धनबल या बाहुबल से नहीं किया जा सकता है। दल तंत्र का खात्मा केवल जनमत से ही हो सकता है। भारत देश के वासियों एवं मतदाताओं से अभियान की यह अपील है कि दलतंत्र को भगाकर जनतंत्र को बचाने के लिये भारत का प्रत्येक मतदाता भावी चुनावों (लोकसभा/विधानसभा/स्थानीय संस्थाओं के चुनाव) में अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपना वोट दलों के किसी भी प्रत्याशी को न देकर केवल निर्दलीय प्रत्याशियों को ही अपना वोट दे। एवं दल तंत्र भगाओं - जनतंत्र बचाओं अभियान को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका निर्वहन करें।
अपीलार्थी गोपाल दास गर्ग संयोजक दलतंत्र भगाओ- जनतंत्र बचाओ अभियान गणेशपुरा, मुरैना म0प्र 07532-227836
उत्तर प्रदेश में महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने एंव न्याय दिलाने सम्बन्धी विवरणउत्तर प्रदेश में महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने एंव न्याय दिलाने सम्बन्धी विवरण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं शारीरिक शोषण सम्बन्धी अपराधों तथा उनके उत्पीड़न को त्वरित गति से रोकने एवं न्याय दिलाने के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु शासन द्वारा अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग ,उ0प्र0 लखनऊ के अन्तर्गत दिनांक 2/10/88 को महिला सहायता प्रकोष्ठ की स्थापना की गयी । महिला सहायता प्रकोष्ठ अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग, एक अपर पुलिस अधीक्षक के अधीन कार्यरत है, जिसके जोनल कार्यालय जनपद, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, बरेली तथा मेरठ है। इन जोनल कायालयों में सहवर्ती स्टॉफ सहित एक पुलिस उपाधीक्षक के पद स्वीकृत है। महिला सहायता प्रकोष्ठ, अपराध अनुसंधान विभाग के मुख्य कर्तव्य निम्नवत् है:- (1) महिला उत्पीड़न के अभियोगो/प्रकरणों के संबंध में पुलिस कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना एवं जनपदीय पुलिस कार्यवाही का अनुश्रवण एवं आकलन करना और इस कार्य के लिए आवश्यक सूचना, विवरणों को प्राप्त/संकलित करना। (2) कतिपय महत्वपूर्ण प्रकरणों की जॉच/विवेचना । (3) पुलिस जन/अधिकारियों को महिला उत्पीडन एवं महिलाओं के अधिकारों/संरक्षण से सम्बन्धित कानूनों, नियमों आदि की जानकारी देना । (4) उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता/सम्बल उपलब्ध कराने में योगदान देना। (5) महिला उत्पीड़न सम्बन्धी सामाजिक चेतना विकसित करने के लिए समाज सेवी संगठनों/व्यक्तियों के सहयोग से कार्यवाही करना। सम्पूर्ण प्रदेश में 11 जनपदों यथा लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, झाँसी, गोरखपुर तथा फैजाबाद में शासन द्वारा एक-एक महिला थाने की स्थापना की गयी है। इन महिला थानों का कार्य महिला स्टॉफ द्वारा ही किया जाता है। समय-समय पर महिला सहायता प्रकोष्ठ, अपराध अनुसंधान विभाग के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा इन थानो का निरीक्षण किया जाता है तथा उचित मार्गदर्शन किया जाता है। वहॉ पर महिला प्रकोष्ठ स्थापित है, जहॉ पर शिकायत कर्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इन महिला प्रकोष्ठों का संचालन सम्बन्धित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जाता है ।
इसके अतिरिक्त अपराध अनुसंधान विभाग, उ0प्र0 के महिला सहायता प्रकोष्ठ के अधीन केन्द्रीय समाज कल्याण बोर्ड, नई दिल्ली की स्वीकृत योजना के अन्तर्गत उ0प्र0 राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड लखनऊ के सहयोग से एक परिवार परामर्श केन्द्र की स्थापना भी दिनांक 31-12-1993 से की गयी है। यह परिवार परामर्श केन्द्र परिवारों को टूटने से बचाने के लिए समुचित योगदान दे रहा है। आवश्यकतानुसार निर्बल महिलाओं को राज्य नि:शुल्क कानूनी सहायता समिति, जवाहरभवन, लखनऊ को सन्दर्भित करके उनकी नि:शुल्क कानूनी सहायता भी आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध करायी जाती है।
माननीय उच्चतम न्यायालय ने रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या 362/93 जिला डोमेस्टिक वर्किग वूमेन्स फोरम बनाम यूनियन आफ इण्डिया में पारित बलात्कार से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता व क्षतिपूर्ति दिये जाने सम्बन्धी निर्देश दिये हैं। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 श्री विजय शंकर माथुर द्वारा अपने अर्धशास0 पत्रांक:डीजी-सात-107(102)94 दिनांक 16-1-95 द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय की छायाप्रति समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को प्रेषित करते हुए उक्त निर्देशो का अनुपालन करने हेतु निम्नलिखित कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये थे :-
(1) बलात्कार से पीड़ित महिलाओं को अधिवक्ता की सहायता उपलब्ध कराई जाय, जो न्यायालय में की जाने वाली कार्यवाही के अतिरिक्त यह भी परामर्श दे सके कि उसे विभिन्न इकाइयों से किस प्रकार की सहायता प्राप्त हो सकती है। यह आवश्यक है कि थाना स्तर पर जिस अधिवक्ता द्वारा पीड़ित महिला को सहायता प्रदान की जाय, वही अधिवक्ता न्यायालय में होने वाली कार्यवाही के समापन तक इस कार्य हेतु सम्बध्द रहे।
(2) बलात्कार से पीड़ित महिला के थाने पर आने के समय ही उसे कानूनी सहायता उपलब्ध करा दी जाय, ताकि उसका कथन अंकित करते समय उसे अधिवक्ता की सहायता व मार्गदर्शन उपलब्ध रहे।
(3) पीड़ित महिला से पूछ-ताछ करने के पूर्व उसे यह अवगत करा दिया जाय कि उसे अधिवक्ता की सहायता लेने का अधिकार प्राप्त हैं। केस डायरी में इस तथ्य का उल्लेख किया जाय कि पीड़ित महिला का कथन लेने के पूर्व उसे अपने अधिकार के संबंध में अवगत करा दिया गया था।
(4) प्रत्येक थाने पर ऐसे अधिवक्ताओं की सूची रखी जाय जो पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान करने हेतु तैयार हों, ताकि यदि पीड़ित महिला का पक्ष प्रस्तुत करने के लिए उसका कोई अपना अधिवक्ता नहीं है, तो सूची में अंकित अधिवक्ता से उसे कानूनी सहायता प्राप्त करा दी जाय।
(5) इन अधिवक्ता की नियुक्ति पुलिस के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय द्वारा की जायेगी, परन्तु पीड़ित महिला से पूछ-ताछ में विलम्ब न हो, इस उद्देश्य से न्यायालय की अनुमति से पूर्व थाना स्तर पर कार्यवाही करने हेतु अधिवक्ताओ को अधिकृत किया जायगा ।
(6) बलात्कार से पीड़ित महिलाओ के नाम, पते एवं अभिज्ञान, जहॉ तक सम्भव हो, गोपनीय रखा जाय।
(7) बालात्कार सम्बन्धीे अपराधो की विवेचना प्राथमिकता के आधार पर एक माह के अन्दर सम्पन्न कर ली जॉय।
(8) प्रत्येक अपराध गोष्ठी में बलात्कार सम्बन्धी अपराधों की विवेचनाओं का अनुश्रवण किया जाय एवं विवेचनाओं में अनुचित विलम्ब करने वाले दोषी विवेचको के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही की जाय।
इसके अतिरिक्त समय-समय पर कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस अधिकारियों को मानवाधिकार आयोग व प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशो, विधिक प्रावधानों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए संवेदनशील व जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा हेै तथा अनैतिक देह व्यापार(निवारण) अधिनियम 1956 को लागू करने पर सर्वाधिक जोर दिया गया तथा तलाशी के दौरान वेश्यालयों अथवा इस प्रकार के अड्डो से पकड़े गये पुरूषो व महिलाओ/लड़कियो में से महिलाओ व लड़कियों को अपराधी के बजाय उत्पीड़ित समझते हुए अग्रिम कार्यवाही किये जाने के निर्देंश दिये गये। शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग-15 से जारी पत्र संख्या-01/6-पु-15/04-म0उ0-20/2001 दिनांकित 30-7-2004 द्वारा प्रदेश के समस्त जिला अधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों को निर्देंश दिया गया है कि अनैतिक देह व्यापार में संलिप्त होने की दशा में पकड़े जाने वाले व्यक्तियों को आई0पी0सी0 की धाराओं के साथ-साथ अनैतिक देह व्यापार (निरोधक) अधिनियम,1956 की धाराओं में भी अपराध पंजीकृत कर विवेचना की जाय। इससे संबंधित अधिनियम में उपलब्ध दण्ड प्रावधानो का समुचित उपयोग हो सकेगा एवं उद्देश्यो की पूर्ति हो सकेगी ।
कुतुब मीनार नहीं झुक रही हैकुतुब मीनार नहीं झुक रही है नई दिल्ली 20 नवम्बर 09 राज्य सभा
योजना तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री वी. नारायणसामी ने आज एक लिखित उत्तर में राज्य सभा में जानकारी दी कि कुतुब मीनार नहीं झुक रही है । उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के आदेश पर कुतुब मीनार के सीधे खड़े होने का अध्ययन करने के लिए भारतीय सर्वेक्षण ने वर्ष 2005 में इसका भूगणितीय सर्वेक्षण किया । पिछले वर्ष भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण को सौंपी गयी अपनी रिपोर्ट में भारतीय सर्वेक्षण ने किसी झुकाव का निष्कर्ष नहीं निकाला है । तथापि, उच्च बारम्बारता डेटा एकत्र करने के लिए इसके द्वारा दिए गए परामर्श के अनुसार भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण ने भारतीय सर्वेक्षण को प्रति वर्ष कुतुब मीनार का भूगणितीय सर्वेक्षण करने का कार्य सौंपा है ।
पॉलिमर के करंसी नोटपॉलिमर के करंसी नोट नई दिल्ली 20 नवम्बर 09 लोक सभा
सरकार ने बैंक नोटों को लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के लिए प्रायोगिक आधार पर 10 रूपए के 1 अरब पॉलिमर नोट जारी करने की घोषणा की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रायोगिक आधार पर यह पॉलिमर के नोट चलाने की पहल की है। शुरू में 10 रूपए के नोट ही मॉलिमर के होंगे क्योंकि दस रूपए के नोटों में नकली नोटों की आशंका बहुत कम है।
यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री श्री नमो नारायण मीणा ने आज लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में दी ।
पकड़े गये जाली नोटों की संख्यापकड़े गये जाली नोटों की संख्या नई दिल्ली 20 नवम्बर 09 लोकसभा
वित्त राज्य मंत्री श्री नमो नारायण मीना ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा को आज सूचित किया कि मुद्रा प्रबंधन के गतिशील तत्त्वों का अध्ययन करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 1988 में नाइक समिति गठित की गई थी। समिति ने नकली नोटों के बारे में कोई अध्ययन नहीं किया। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत की गई सूचना के अनुसार विगत तीन वर्षों के दौरान बरामद किए गए और जब्त किए गए जाली करेंसी नोटों की कुल संख्या निम्नलिखित है-
भारतीय रिजर्व बैंक ने सूचित कि है किया बैंक-वार और स्थान-वार अभियोजन और दोषसिध्दि की सूचना का रिकार्ड नहीं रखा जाता। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो ने बताया कि उनके पास भी इस प्रकार की सूचना उपलब्ध नहीं है।
देश में नकली भारतीय करेंसी नोटों के परिचालन को रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों में नकली नोटों की तस्करी रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल और सीमा शुल्क प्राधिकारियों द्वारा सतर्कता बढाना, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सुरक्षा विशेषताओं संबंधी सूचना का प्रसार करना और बैंकों के सभी प्रधान कार्यालयों में नकली नोट सतर्कता प्रकोष्ठों की स्थापना करना शामिल हैं। नकली नोट बनाना बहुत मुश्किल करने के लिए 2005 में बैंक नोटों में अतिरिक्त सुरक्षा विशेषताओं को शामिल किया गया है। बैंक नोटों की सुरक्षा को और सुदृढ बनाने के लिए नवीनतम सुरक्षा विशेषताओं के समावेशन की प्रक्रिया चल रही है। नकली भारतीय करेंसी नोटों के परिचालन की मानीटरी करने और उनका परिचालन रोकने के लिए केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है जिसमें केन्द्रीय एजेंसियों के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। राज्यों में भी इसी तरह के निकाय स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, भारत सरकार ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो को नकली करेंसी नोटों के मामलों की जांच-पड़ताल की मानीटरी करने के लिए एक नोडल एजेंसी के तौर पर नामजद किया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने नकली नोटों का पता लगाने के तंत्र को भी सुदृढ क़िया है।
झारखंड चुनाव में रूकावट डालने पर आमादा सीपीआई माओवादियों की निंदा करेंनागरिक समाज संगठनों का आग्रह झारखंड चुनाव में रूकावट डालने पर आमादा सीपीआई माओवादियों की निंदा करें ### नई दिल्ली 20 नवम्बर 09 झारखंड में चुनाव की घोषणा की जा चुकी है, उधर सीपीआई माओवादी चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने पर आमादा हैं। उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करने का लोगों से आग्रह किया है और इसके लिए धमकी भी दी है। पिछले वर्षों की ही तरह माओवादी सार्वजनिक सम्पत्ति को तहस-नहस करने के लिए धमकियां दे रहे हैं। 6 नवम्बर, 2009 को उन्होंने एकौना, चतरा जिला में एक विद्यालय की इमारत को ध्वस्त कर दिया। 10 नवम्बर, 2009 को उन्होंने कोने और बनबिरवा (लातेहार जिला) में और 15 नवंबर, 2009 में सिंहभूम जिला में डिम्बुली में पंचायत भवन की निर्माणाधीन इमारत को ध्वस्त कर दिया। कल, 19 नवंबर 2009 को मार्क्सवादी कम्युनिस्टों ने मनोहरपुर और पुसइता रेलवे स्टेशनों के बीच रेल मार्ग को बम विस्फोट से उड़ा दिया। इस कारण दो बोगियां उड़ गई और दो पटरी से उतर गईं। एक यात्री मारा गया और 40 यात्री घायल हो गये। सार्वजनिक सम्पत्ति नष्ट करने के अलावा उन्होंने कई मासूम लोगों को 'भेदिया' बताकर मारना जारी रखा। सरकार ने हिंसा की इस कारर्वाइयों की निंदा की है। झारखंड सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करने के लिए कटिबध्द है। मार्क्सवादी कम्युनिस्टों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न हो सकें। गृह मंत्रालय को विश्वास है कि झारखंड के लोग मार्क्सवादी कम्युनिस्टों की चुनौती का सामना करेंगे और भारी संख्या में वोट देकर चुनाव को सफल बनाएंगे।
भारत को दी जाने वाली नाभिकीय प्रौद्योगिकी पर प्रतिबंधभारत को दी जाने वाली नाभिकीय प्रौद्योगिकी पर प्रतिबंध नई दिल्ली 20 नवम्बर 09 राज्य सभा
विदेश राज्य मत्री श्रीमती प्रनीत कौर ने आज राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि ला आकिला शिखर सम्मेलन में जी-8 देशों ने अप्रसार पर एक वक्तव्य स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि जी-8 ब्लॉक के साथ भारत का कोई असैनिक नाभिकीय करार नहीं है । भारत को एनएसजी सदस्यों के साथ असैनिक परमाणु सहयोग में शामिल किए जाने हेतु स्पष्ट छूट प्रदान करने से संबंधित 6 सितम्बर, 2008 के एनएसजी के निर्णय में परिकल्पित है, सरकार ने असैनिक परमाणु सहयोग से जुड़े सभी पहलुओं के संबंध में एनएसजी के साथ विचार-विमर्श किया है । उन्होंने बताया कि होक्कयदो तोयाको में और पूर्व के शिखर सम्मेलनों के समान ही हम स्वीकार करते हैं कि सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी डिलीवरी के साधन अभी भी वैश्विक चुनौती और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़े खतरे बने हुए हैं । अप्रसार और नि:शस्त्रीकरण लक्ष्यों को बढावा देने के लिए वर्तमान अवसरों और नई गतिशीलता का उपयोग करने के लिए कृतसंकल्प हैं ।
भारत इस बात पर बल देता है कि एनपीटी अभी भी परमाणु अप्रसार व्यवस्था का प्रमुख तत्व है और परमाणु निशस्त्रीकरण के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अनिवार्य आधारशिला है और हम अप्रसार, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग तथा निशस्त्रीकरण जैसी तीन आधारशिलाओं के उद्देश्यों को दायित्वों के प्रति अपनी पूर्ण वचनबध्दता को दोहराते हैं । हम लोग मिलकर यह कार्य करेंगे, जिससे कि वर्ष 2010 में आयोजित होने वाला एनपीटी समीक्षा सम्मेलन इस संधि की व्यवस्थाओं को संवर्धित करे और संधि की सभी आधारशिलाओं के संदर्भ में व्यावहारिक और प्राप्त किए जाने योग्य लक्ष्य निर्धारित किए जा सकें । भारत संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति द्वारा दी गयी इस घोषणा का स्वागत करता है कि उन्होंने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) का अनुसमर्थन करने का प्रयास कराने का निर्णय लिया है और हम अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा रूपरेखा के एक प्रधान उपकरण और अप्रसार तथा नि:शस्त्रीकरण के एक महत्त्वपूर्ण उपाय के रूप में सीटीबीटी को शीघ्र लागू करने और इसे सार्वभौमिक स्वरूप प्रदान करने के लिए किए जाने वाले अपने प्रयासों में तेजी लाएंगे । भारत सभी संबंधित राष्ट्रों से परमाणु हथियार परीक्षण विस्फोटों तथा अन्य प्रकार के परमाणु विस्फोटों पर स्थगन लगाने का आहवान करता है । भारत एक सुरक्षित विश्व बनाने और परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व के लिए माहौल सृजित करने के प्रति प्रतिबध्द है ।
भारत अप्रसार संधि के सभी पक्षकार राष्ट्रों का, उनके सभी संधि दायित्वों के अनुरूप परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग करने के उनके अक्षुण्ण अधिकारों की पुष्टि करता है । भारत ने ईरान के परमाणु मुद्दे पर व्यापक, शांतिपूर्ण व राजनयिक समाधान के लिए कार्य करने की अपनी वचनबध्दता को दोहराया है और वार्ता के माध्यम से इसका समाधान करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भारत जोरदार समर्थन करता है । भारत ने 25 मई, 2009 को कोरिया लोकतांत्रिक जन गणराज्य (डीपीआरके) द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा है कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प का घोर उल्लंघन है । ऐसे परीक्षण से क्षेत्र में और इसके बाहर शांति और स्थिरता को धक्का पहुंचता है ।
आतंकवादियों द्वारा डब्ल्यू एम डी प्राप्त करने का खतरा हमारी गंभीर चिन्ता का कारण बनी हुई है । भारत ने एक साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया है ताकि आतंकवादियों को कभी भी वे हथियार और संबंधित सामग्री सुलभ न हो सकें । जी 8 ऐसे क्षेत्रों में सहयोग के नए क्षेत्रों को शामिल करने के लिए भी तैयार है जहां आतंकवाद और प्रसार के खतरे सर्वाधिक हैं । खास तौर पर वैज्ञानिकों के सहयोग के माध्यम से वैश्विक डब्ल्यूएमडी ज्ञान प्रसार को रोकने के लिए हम इस क्षेत्र में एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाये जाने हेतु सिफारिशों का स्वागत करते हैं ।
भारत ने नाभिकीय सुरक्षा के संबंध में चेरनोबिल स्थल पर चल रही परियोजनाओं में पिछली शिखर बैठक के बाद की प्रगति के बारे में बताया है कि उस बैठक के बाद से हुई प्रगति को स्वीकारते हैं और यह नोट करते हुए कि उन्हें सम्पन्न किए जाने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी, हम अपनी इस वचनबध्दता को दोहराते हैं कि हम उस स्थान को स्थायी और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित स्थान में परिवर्तित करने के लिए उक्रेन के साथ मिलकर संयुक्त प्रयास करेंगे ।
गोवा में चालीसवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में वहीदा रहमान और ममूटी होंगे मुख्य अतिथिगोवा में चालीसवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में वहीदा रहमान और ममूटी होंगे मुख्य अतिथि New Delhi 19 November 2009 जानी मानी फिल्म अभिनेत्री वहीदा रहमान और फिल्म अभिनेता ममूटी चालीसवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। यह फिल्म समारोह गोवा में 23 नवंबर 2009 से शुरू हो रहा है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती अंबिका सोनी उद्धाटन समारोह में मौजूद रहेंगी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त अभिनेता कबीर बेदी और जानी मानी कलाकार दिव्या दत्ता उद्धाटन समारोह के सूत्रधार होंगे। अंतर्राष्ट्रीय खण्ड में विश्व सिनेमा शामिल है जिसमें 45 देशों की 55 फिल्में दिखाई जाएंगी। विदेश खण्ड के एक और महत्त्वपूर्ण घटक में जाने माने निर्देशकों का सिंहावलोकन किया जाएगा। इस बार महाद्वीप खण्ड में लातिन अमरीका शामिल होगा। समारोह में क्रोएशिया, इटली, पोलैण्ड, इस्टोनिया और फ्रांस इस बार देश खण्ड में शामिल होंगे। भारतीय पनोरमा खण्ड में 26 फीचर फिल्में और 18 अन्य फिल्में दिखाई जाएंगी। श्रध्दांजली खण्ड में वर्ष 2008 के फिल्म समारोह के बाद से दिवंगत 13 फिल्मी हस्तियों को स्मरण किया जाएगा। असम सिनेमा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष खण्ड में पांच फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। उद्धाटन समारोह की मुख्य अतिथि मशहूर अभिनेत्री वहीदा रहमान होंगी जबकि मलयालम सिने अभिनेता ममूटी 3 नवंबर, 2009 को समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
विदेशी कंपनियों के लिए विधिक क्षेत्र को खोलनाविदेशी कंपनियों के लिए विधिक क्षेत्र को खोलना New Delhi 19 November 2009 लोकसभा भारत सरकार के पास भारतीय विधिक क्षेत्र को विदेशी विधिक कंपनियों के लिए खोलने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि विदेशी विधिक कंपनियों को विदेशी विधियों पर विधिक सहायता तथा सलाह के लिए अपने कार्यालय खोलने के मामले पर भारतीय अधिवक्ता परिषद (बार काउन्सिल ऑफ इंडिया) सहित सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस संबंध में उच्च न्यायालय में एक मामला लंबित है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री वीरप्पा मोइली ने लोकसभा में पूछे गये एक प्रश्न के लिखित उत्तार में यह जानकारी दी।
पर्यावरण अदालतों की स्थापनापर्यावरण अदालतों की स्थापना New Delhi 19 November 2009 लोकसभा सरकार ने 31 जुलाई, 2009 को लोकसभा में राष्ट्रीय हरित अधिकरण विधेयक, 2009 पेश किया था, जोकि वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित मामलों के शीघ्र तथा प्रभावी निपटारे के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) पर जोर देता है।
यह जानकारी केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री वीरप्पा मोइली ने लोकसभा में पूछे गये एक प्रश्न के लिखित उत्तार में दी।
18 लाख की लागत से बनेगा ग्राम न्यायालय, 193 ग्रामों में होगें स्थापित18 लाख की लागत से बनेगा ग्राम न्यायालय, 193 ग्रामों में होगें स्थापित New Delhi 19 November 2009 केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री वीरप्पा मोइली ने आज लोक सभा में पूछे गये एक प्रश्न के लिखित उत्तार में बताया कि वर्ष 2009-10 में उन राज्यों में जहां ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 लागू होता है, एक सौ तिरानवे ग्राम न्यायालयों की स्थापना किये जाने की संभावना है। इसके लिए सरकार प्रति न्यायालय 18 लाख रुपये अनावर्ती खर्च करेगी। इसके अलावा सरकार पहले तीन वर्षों के दौरान एक ग्राम न्यायालय की आवर्ती खर्च का 50 प्रतिशत यानि 6 लाख 40 हजार रुपये की राशि का भी वहन करेगी। मंत्री महोदय ने बताया कि ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के क्रियान्वयन से राज्यों में न्याय प्रशासन पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में राज्य सरकारों, उच्च न्यायालयों तथा अन्य पणधारियों के साथ सरकार ने विस्तार से विचार-विमर्श किया है।
ग्वालियर के पूर्व कलेक्टर विजय सिंह संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य नियुक्तग्वालियर के पूर्व कलेक्टर विजय सिंह संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य नियुक्त New Delhi 19 November 2009 पूर्व रक्षा सचिव श्री विजय सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग में सदस्य का पदभार ग्रहण कर लिया है। आयोग के अध्यक्ष प्रो0 डी.पी. अग्रवाल ने आज उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। श्री विजय सिंह मध्यप्रदेश संवर्ग के 1970 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी है। अपनी 37 वर्ष की सेवा के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार तथा मध्यप्रदेश सरकार के अनेक महत्तवपूर्ण पदों पर कार्य किया। अगस्त, 2007 में रक्षा सचिव बनने से पहले उन्होंने केंद्र सरकार के संस्कृति विभाग में निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव, वाणिज्य मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा वित्ता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पदों पर कार्य किया। अक्टूबर, 2004 से जनवरी, 2006 तक वे मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव थे। उसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में आयुष विभाग और सड़क परिवहन तथा राजमार्ग विभाग में सचिव रहने के बाद रक्षा सचिव अगस्त, 2007 में बने थे।
अमरसिंह को भारी पड़ सकती है उनकी लफ्फ़ाजीअमरसिंह को भारी पड़ सकती है उनकी लफ्फ़ाजी निर्मल रानी, 163011, महावीर नगर, अम्बाला शहर,हरियाणा email: nirmalrani@gmail.com फोन-0171-2535628 फिल्मी गीताें व फ़िल्मी गंजलों के मुखड़ों को संवाद दाताओं के प्रश्नों के उत्तर के रूप में पेश करने में महारत रखने वाले समाजवादी पार्टी नेता अमरसिंह को आने वाले दिन भारी पड़ने की संभावना नंजर आ रही है। यूं तो अमरसिंह समाजवादी पार्टी के महासचिव पद पर विराजमान हैं।परंतु दरअसल उनका कार्य समाजवादी पार्टी के लिए जनसंपर्क अधिकारी के रूप में कार्य करने का है। फ़ि ल्म जगत के प्रमुख चेहरों को समाजवादी पार्टी से जोड़ने का श्रेय भी अमरसिंह को ही जाता है। अमिताभ बच्चन,अनिल अंबानी तथा सुब्रतोराय सहारा जैसी देश की अतिविशिष्ट शख्सियतों को मुलायम सिंह के ंकरीब लाने का श्रेय भी इन्हीं के सिर पर है। अब समाजवादी पार्टी के हित के लिए इतनी बड़ी शख्सियतों को जोड़ने के लिए अमर सिंह को स्वयं क्या कुछ करना पड़ता है यह एक अलग सी बात है। कभी अमरसिंह की पार्टी के प्रमुख नेता रहे राजबब्बर तथा आंजम खां जैसे लोग इस विषय पर ज्यादा बेहतर रौशनी डाल सकते हैं। जहां समाजवादी पार्टी के देश की बड़ी शख्सियतों से संबंध मधुर बनाने में अमरसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है वहीं समाजवादी पार्टी छोड़कर जाने वाले नेतागण भी अमर सिंह को ही अपने मनमुटाव का मुख्य कारण बताते हैं। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुछ ऐसे तथ्य उजागर किए गए जिनसे यह संकेत मिलता हैकि अमरसिंह ने समाजवादी पार्टी के उत्तरप्रदेश में सत्ता में रहते हुए शासन का किस प्रकार दुरुपयोग किया था। इस संबंध में जांच भी शुरू हो चुकी है। ऐश्वर्या राय के नाम पर कालेज खोलने को लेकर ंजमीन संबंधी उपजे विवाद में अमिताभ बच्चन का नाम आने की जड़ ंमें भी अमरसिंह की ही महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां तक कि अंबानी बंधुओं के मध्य मतभेद बढाने में भी इन्हीें का नाम लिया जा रहा है। इन सभी उतार-चढावों के बीच जब कभी मीडिया अमरसिंह से कुछ पूछना चाहता है तो अमरसिंह कभी ंफरमाते हैं कि हमें तो लूट लिया मिल के हुस्न वालों ने और कभी कहते हैं मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं। अमरसिंह का मीडिया प्रेम भी जगंजाहिर है। पिछले दिनों अपने एक आप्रेशन के दौरान सिंगापुर के हास्पिटल में बीमारी की हालत में एक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ में बैठे पत्रकारों से उन्होंने बातचीत की। परंतु ऐसा लगता है कि अब अमरसिंह पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो चुके हैं। उनके फ़ि ल्मी गीतों के मुखड़े बोलते रहने का समय अब जाने वाला लगता है। ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की निरंतर गिरती जा रही साख के लिए भी अमरसिंह को ही ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा 6 दिसंबर 1992 की अयोध्या घटना के मुख्य अभियुक्त कल्याण सिंह को समाजवादी पार्टी के ंकरीब लाने के ंफैसले के भी आप ही ंजिम्मेदार हैं। अमरसिंह ने यह राजनैतिक सपना मुलायम सिंह को दिखाया था कि मुस्लिम व यादव मतों पर हमारा अधिकार तो है ही परंतु कल्याण सिंह के समाजवादी पार्टी के समर्थन से लोध तथा पिछड़ी जातियों के मत भी समाजवादी पार्टी के पक्ष में आएंगे। परंतु गत् लोकसभा चुनावों में अमरसिंह की गणित उल्टी पड़ गई। अपना भी जनाधार खोते जा रहे कल्याण सिंह की बदौलत न तो लोध व पिछड़े मतों का रुझान समाजवादी पार्टी की तरंफ हुआ और मुस्लिम मत भी कल्याण-मुलायम की बढ़ती दोस्ती के परिणामस्वरूप समाजवादी पार्टी से दूर होते सांफ नंजर आए। सोने पर सुहागा तो यह कि जिस कल्याण सिंह को मुस्लिम समुदाय ं देखना भी पसंद नहीं करता उन्हें लेकर पिछले दिनों लखनऊ में हुए शहर पश्चिमी विधानसभा सीट के उपचुनाव के दौरान आपने एक ऐसी टिप्पणी कर डाली जिससे मुस्लिम समाज न केवल उनसे ख़ंफा हो गया बल्कि अमरसिंह के विरुद्ध शहर कोतवाली में धार्मिक भवनाओं को ठेस पहुंचाने संबंधी एक मुंकदमा भी दर्ज करवा दिया गया । 4 नवंबर की इस घटना में अमरसिंह ने समाजवादी पार्टी के एक मुस्लिम प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने हेतु मुस्लिम समुदाय का आहवान् किया। एक सार्वजनिक सभा में कल्याण सिंह व मुलायम सिंह की दोस्ती को जायंज ठहराते हुए अमरसिंह ने ंफरमाया कि कल्याण सिंह समाजवादी पार्टी के लिए हंजरत हुर्र के समान हैं तथा भारतीय जनता पार्टी के लिए यह भस्मासुर की तरह हैं। अमरसिंह की यह टिप्पणी मुस्लिम समुदाय को बहुत नागवार गुंजरी तथा वे अमरसिंह के विरुद्ध मुंकदमा दर्ज करा बैठे। आईए संपेक्ष में आपको बताते हैं हंजरत हुर्र का जीवन चरित्र। छठवीं सदी में जब सीरियाई मुस्लिम शासक यंजीद ने हज़रत इमाम हुसैन के परिजनों को ंकत्ल करने की मंशा से करबला स्थित फु रात नदी के किनारे घेरा उस समय हुर ही यज़ीद की सेना का सेनापति था। हुर ने ही यंजीद के हुक्म पर हंजरत हुसैन व उनके परिवार के तंबुओं को नदी के किनारे से उखाड़ फेंका था तथा उन्हें पानी से दूर रहने के लिए इसलिए मजबूर किया था ताकि भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें पानी नसीब न हो सके। 10 मोहर्रम की सुबह हुर को ही यंजीद के सेनापति के रूप में हंजरत हुसैन व उनके सहयोगियों पर आक्रमण करना था। परंतु 9-10 मोहर्रम की रात को यजीद का सेनापति हुर देर रात तक करवटें बदलता रहा। उसके जवान पुत्र तथा ंगुलाम ने जब हुर की बेचैनी का कारण पूछा तो उसने कहा कि यंजीद व हुसैन के मध्य सुबह से शुरू होने वाली लड़ाई सत्य तथा असत्य के बीच होने वाला युद्ध है। यंजीद क्रूर,दुष्ट,व्याभिचारी,दुराचारी तथा भ्रष्ट राजा है। परंतु शक्तिशाली है तथा दौलतमंद है। दूसरी ओर उसको मुस्लिम राजा के रूप में मान्यता प्रदान न करने वाले हंजरत हुसैन हंजरत मोहम्मद के सगे नाती हैं। वे सत्य व धर्म के सच्चे उपासक हैं । वे शक्ति में कमज़ोर भी हैं। ऐसे में एक ओर माल व दौलत, तरक्की तथा जागीर है तो दूसरी ओर शहादत,सच्चाई तथा स्वर्ग के द्वार। ऐसे में मैं यज़ीद की ओर से युद्ध करने के बजाए युद्ध की सुबह होने से पूर्व ही हंजरत हुसैन के चरणों में जाकर स्वयं को समर्पित करना चाहता हूं तथा उनसे मांफी भी मांगना चाहता हूं। हुर के पुत्र तथा ंगुलाम ने भी उनके इस ंफैसले का समर्थन किया तथा रातों रात यजीद का सेनापति हुर अपने पुत्र व ंगुलाम के साथ यंजीद की सेना को छोड़कर रात के अंधेरे में हंजरत हुसैन के चरणों में जा गिरा। हुसैन ने उसे मांफ किया। इतिहास साक्षी है कि 10 मोहर्रम को करबला में हुई लड़ाई में हंजरत हुसैन की ओर से शहीद होने वाले पहले तीन सैनिक यही थे। हुर की इस क़ुर्बानी के बाद ही उन्हें हंजरत हुर के नाम से जाना गया। अब हंजरत हुर का चरित्र चित्रण सुनने के बाद क्या इसमें कोई ऐसी गुंजाईश नज़र आती है जिससे कि कल्याण सिंह की तुलना हंजरत हुर से की जा सके। हुर ने सच्चाई का साथ देने के लिए यंजीद का साथ छोड़ा था। परंतु कल्याण सिंह ने भाजपा इसलिए छोड़ी थी क्योंकि भाजपा ने उनके पुत्र को लोकसभा का टिकट देने से इंकार कर दिया था। दूसरी बात यह कि कल्याण सिंह पहली बार भाजपा से अलग नहीं हो रहे थे। इसके पहले भी वे अटल बिहारी वाजपेयी के विषय में अनाप-शनाप बोले थे तथा पार्टी से निकाल दिए गए थे। यह दूसरा मौक़ा था जबकि कल्याण सिंह पार्टी से निकाले गए तथा उन्हें अकेला देखकर सपा जनसंपर्क अधिकारी अमरसिंह ने उनसे संपर्क साधा और न जाने किस समीकरण के तहत कल्याण सिंह, अमर सिंह को सपा के लिए लाभकारी नंजर आए और वह भी इतने कि उनमें अमरसिंह को हंजरत हुर सी समानता भी नंजर आने लगी। कल्याण सिंह द्वारा समाजवादी पार्टी को जो नुंकसान पहुंचा उसका सिलसिला केवल लोकसभा चुनावों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश विधान सभा के हुए उपचुनावों में भी समाजवादी पार्टी की अच्छी ंफंजीहत हुई। यहां तक कि ंफिरोंजाबाद लोकसभा सीट के उपचुनाव में जहां कि सपा ने अपनी पूरी तांकत झोंक दी थी वहीं अमरसिंह के ही सबसे बड़े आलोचक समझे जाने वाले कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर ने मुलायम सिंह की बहुरानी डिंपल यादव को भारी मतों से पराजित कर दिया। ख़बर है कि इसी ंफिरोज़ाबाद की सीट की हार ने मुलायम ंसिंह यादव को यह चिंतन करने के लिए मजबूर कर दिया है कि अमरसिंह के ऐसे ंफैसले आगे और कब तक? उनकी लंफंफांजी और ंफिल्मी गीतों व ंगंजलों के मुखड़े अब और कब तक? ऐसे में आपका भी यह सोचना न्यायसंगत हो सकता है कि देश की राजनीति की छाती पर अमर सिंह जैसे लंफंफाज़ों की सवारी और कब तक? निर्मल रानी
निर्वाचन समाप्ति तक अवकाश प्रतिबंधित, बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर जाने पर प्रतिबंधनिर्वाचन समाप्ति तक अवकाश प्रतिबंधित, बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर जाने पर प्रतिबंध भिण्ड 18 नवम्बर 2009 कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भिण्ड सुहेल अली ने नगरीय निकाय निर्वाचन 2009 की प्रक्रिया समाप्त होने तक जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि विशेष परिस्थितियों में अवकाश पर जाने की स्थिति में कलेक्टर की पूर्व अनुमति लेकर ही अवकाश पर जाए और मुख्यालय से बाहर रहे।
21 को राज्य स्तरीय बृहद लोक अदालत का आयोजन समझौते के आधार पर निपटेगें मामले, तैयारियां अतिम दौर में21 को राज्य स्तरीय बृहद लोक अदालत का आयोजन समझौते के आधार पर निपटेगें मामले, तैयारियां अतिम दौर में भिण्ड 18 नवम्बर 2009 21 नवम्बर शनिवार को भिण्ड जिले में म.प्र. राज्य स्तरीय वृहद लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला सत्र एवं न्यायाधीश तथा जिला भिण्ड विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र शर्मा ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार बृहद लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने की सभी तैयारियां अंतिम दौर में है। जिला न्यायालय भिण्ड के प्रांगण सहित जिले की तहसील न्यायालयों में अधिक से अधिक प्रकरणों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकर के सचिव आर के वर्मा ने बताया कि लोक अदालत में रखे गये दीवानी एवं फौजदारी प्रकरण तथा मोटर दुर्घटना दावा, भरण पोषण, घरेलू हिंसा तथा विद्युत अधिनियम के अन्तर्गत विचराधीन प्रकरणों को रखा गया है। प्रत्येक न्यायालय द्वारा पक्षकारों को सूचना पत्र जारी किये गये है तथा राजस्व न्यायालयों की भी समझौता योग्य प्रकरणों की लोक अदालत में निराकरण किये जाने हेतु राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त पत्र प्रेषित कर अत्याधिक प्रकरण लोक अदालत में रखे जाने हेतु जिला कलेक्टर से चर्चा की गई। वृहद्व लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य आपसी समझौते से प्रकरण निपटने पर कटुता समाप्त होती है तथा धन एवं समय की बचत होती है। दीवानी प्रकरणों मे न्याय शुल्क वापिस हो जाती है तथा लोक अदालत का आदेश अंतिम होता है पक्षकारों को विवाद सुलह और समझौते के आधार पर निपटने से सदेव के लिए कटुता समाप्त हो जाती है मोटर दुर्घटना के प्रकरणों में शीघ्र मुआवजा मिल जाता है लोक अदालत से आम जनता को उपरोक्त वर्णित लाभ होने से भाई चारे की भावना उत्पन्न होकर अनावीयता का वातावरण निर्मित हो जाता है आम जनता से अपने प्रकरणों की वृहद्व लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर निपटाने की अपील की गयी।
नपा निर्वाचन दायित्व हेतु निटर्निग एवं सहायक रिटर्निग अधिकारी नियुक्तनपा निर्वाचन दायित्व हेतु निटर्निग एवं सहायक रिटर्निग अधिकारी नियुक्त भिण्ड 18 नवम्बर 2009 कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भिण्ड सुहेल अली द्वारा नगर पालिका निर्वाचन को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिये रिटर्निग एवं सहायक रिटर्निग अधिकारी बनाये गये है। जिसके तहत नपा परिषद भिण्ड के अध्यक्ष पद के नाम निर्देशन पत्रों सहित अन्य कार्यो के दायित्व निर्वाहन हेतु अनुविभागीय राजस्व अधिकारी भिण्ड डीआर कुर्रे को सहायक रिटर्निग अधिकारी पदाविहीत किया गया है। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर एसएस सोनी, एसडीओ अटेर अमरीश श्रीवास्तव तथा कार्यपालन यंत्री सिचाई विभाग को वार्ड प्रभारी के दायित्व निर्वाहन हेतु सहायक रिटर्निग अधिकारी बनाया गया है। नगरपालिका परिषद गोहद हेतु एसडीओ राजस्व मनोज माथुर को रिटर्निग और श्रीमती नीना गौर और बीडी बरैलिया को सहायक रिटर्निग अधिकारी जबकि नगर पंचायत मेहगांव हेतु जेपी सैयाम एसडीओ राजस्व को रिटर्निग आफीसर और रामचरन लाल शाक्य को सहायक रिटर्निग अधिकारी बनाया गया है नगर पंचायत लहार के लिये एसके दुबे राजस्व को रिटर्निग और डीएन त्रिवेदी को सहायक रिटर्निग अधिकारी नगर पंचायत आलमपुर हेतु जेपी जाटव तहसीलदार को रिटर्निग और केएम दीक्षित को सहायक रिटर्निग अधिकारी, नगर पंचायत दबोह हेतु मोहन सिंह परिहार तहसीलदार रौन को रिटर्निग और करन सिंह को सहायक रिटर्निग, नगर पंचायत मिहोना हेतु एसके गर्ग तहसीलदार को रिटर्निग अधिकारी और जेएन शर्मा को सहायक रिटर्निग अधिकारी, नगर पंचायत अकोडा हेतु केआर चौकीकर तहसीलदार भिण्ड को रिटर्निग अधिकारी और अतुल सक्सैना को सहायक रिटर्निग अधिकारी नगर पंचायत फूफ हेतु अशोक सैन अपर तहसीलदार भिण्ड को रिटर्निग अधिकारी और ज्ञान स्वरूप पटेल को सहायक रिटर्निग अधिकारी, नगर पंचायत गोरमी हेतु संतोष तिवारी तहसीलदार मेहगांव को रिटर्निग अधिकारी तथा देवी सिंह तोमर को सहायक रिटर्निग अधिकारी और नगर पंचायत मौ हेतु एसके तिवारी तहसीलदार गोहद को रिटर्निग अधिकारी ओर फूल सिंह जादौन को सहायक रिटर्निग अधिकारी बनाया गया है।
शुल्क पर मिलेगी अभ्यार्थियों की मार्गदर्शिका पुस्तकशुल्क पर मिलेगी अभ्यार्थियों की मार्गदर्शिका पुस्तक भिण्ड 18 नवम्बर 2009 नगरीय निकायों के आम निर्वाचन के लिये राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिये प्रसारित की गई मार्गदर्शिका पुस्तक निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध हो सकेगी। इच्छुक अभ्यर्थी, राजनैतिक दल के पदाधिकारी एवं आम लोग संबंधित क्षेत्र के एसडीओ राजस्व एवं रिटर्निग अधिकारी से निर्धारित शुल्क देकर उक्त मार्ग दर्शिका पुस्तक प्राप्त कर सकेगें।
नपा अध्यक्ष पद हेतु निक्षेप राशि तीन हजार, नगर पंचायत अध्यक्ष हेतु निक्षेप राशि दो हजारनपा अध्यक्ष पद हेतु निक्षेप राशि तीन हजार, नगर पंचायत अध्यक्ष हेतु निक्षेप राशि दो हजार भिण्ड 18 नवम्बर 2009 नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2009 में नगर पालिका के अध्यक्ष पद हेतु सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 3 हजार रूपये की निक्षेप राशि जमा कराना होगी। जबकि महिलाओं सहित अन्य पिछडे वर्ग तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को 1500 रूपये (पन्द्रह सौ रूपये)की निक्षेप राशि देनी होगी। नगरपालिका के पार्षद पद हेतु 500 रूपये की निक्षेप राशि निर्धारित है जबकि नगर पंचायत क्षेत्र के अध्यक्ष पद के लिये सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को दो हजार रूपये, की निक्षेप राशि जमा करानी होगी। इसके अलावा महिलाओं अन्य पिछडे वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों को एक हजार की निक्षेप राशि जमा करानी होगी। जबकि नगर पंचायत के पार्षद पद हेतु 250 रूपये की निक्षेप राशि निर्धारित की गई है।
नगरीय निकाय निर्वाचन 2009 : आज से शुरू होगी नाम निर्देशन पत्र लेने की कार्यवाहीनगरीय निकाय निर्वाचन 2009 : आज से शुरू होगी नाम निर्देशन पत्र लेने की कार्यवाही प्रात:10.30 से दोपहर 3 बजे तक जमा होगें नामांकन, निर्वाचन अधिसूचना का प्रकाशन आज भिण्ड 18 नवम्बर 2009 नगरीय निकाय चुनाव के लिये गुरूवार 19 नवम्बर को अधिसूचना का प्रकाशन होगा। इसके साथ ही नाम निर्देशन पत्र जमा कराये जाने की कार्यवाही शुरू होगी। नामांकन जमा कराने की अंतिम तिथि गुरूवार 26 नवम्बर निर्धारित की गई है। नगर पालिका भिण्ड में 39 वार्डो,नगर पालिका गोहद में 18 तथा नगर पंचायत फूफ,अकोडा, गोरमी, मेहगांव, मौ, लहार, आलमपुर, दबोह, नगर पंचायत मिहोना के 15-15 वार्डो सहित कुल 192 वार्डो के लिये नाम निर्देशन पत्र जमा होगें। नामांकन के साथ शपथ पत्र देना अनिवार्य नगर पालिका आम निर्वाचन 2009 के लिये 19 नवम्बर से जमा कराये जाने वाले नाम निर्देशन पत्रों के साथ अभ्यर्थी को रिटर्निग अधिकारी के समक्ष शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा। यह शपथ पत्र पॉच पृष्टों का है जिसके तहत अभ्यर्थी को जिस पद के लिये वह निर्वाचन में अभ्यर्थी होने का इच्छुक है की जानकारी के साथ साथ उसके विरूद्व आपराधिक मामलों के विवरण सहित निर्णीत अपराधिक प्रकरणों की जानकारी, अभ्यर्थी और उसके आश्रितों की चल अचल संपत्ति की जानकारी, सार्वजानिक वित्तीय संस्थाओं बैकों के प्रति देनदारियों के बकाया बिवरण, केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार एवं स्थानीय संस्थाओं के प्रति देनदारियां एवं बकाया का विवरण,शैक्षिण योग्यता का विरण विवाहित एवं अविवाहित होने की स्थिति की जानकारी देना अनिवार्य होगी। प्रारूप 3 में नाम निर्देशन से जुडी जानकारी देनी होगी अभ्यर्थी को प्रारूप 3 में नाम निर्देशन पत्र से जुडी समस्त जानकारी देनी अनिवार्य होगी उसे प्रस्तावक से जुडी जानकारी के साथ साथ आयु, निर्वाचन में किस दल द्वारा खडा किया गया है,अधिमान्य क्रम में चुने गये प्रतीक, अभ्यर्थी किस जाति का है का उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
राधा के अपहरण कर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही की मॉगराधा के अपहरण कर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही की मॉग मुरैना. सिविल लाईन थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़िया खेड़ा से गत माह की 23 तारीख को घर से जेवर व नगदी लेकर गायब हुई राधा नामक युवती के पति ने उसके उपहरण की आशंका जताते हुये नामजद अपहृत कर्ताओं के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा आरोपियों के चंगुल से राधा को मुक्त कराने की पुलिस प्रशासन से मांग की है। ग्राम मुड़िया खेरा निवासी छोटीली पुत्र रामजीलाल नट ने अरोप लगाया है की उसकी पत्नी राधा का 23.10.09 को आरोपीगढ़ उस समय घर फुसला कर भगाकर ले गये। जब वह रिश्तेदारी में अम्बाह गया था। प्रार्थी ने घटना के दूसरे दिन सिविल लाईन थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई अगर पुलिस ने आज दिनांक तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। छोटल्ली ने पुलिस प्रशासन से अविलम्ब कार्यवाही की मॉग की है।
मुरैना शहर में आधी रात को सशस्त्र डकैती,मुखिया को बंधक बनाकर की तीन लाख से अधिक की डकेतीमुरैना शहर में आधी रात को सशस्त्र डकैती,मुखिया को बंधक बनाकर की तीन लाख से अधिक की डकेती लूट के बाद डकेती, सिटी कोतवाली पुलिस को खुली चुनौती
मुरैना 18 नवम्बर 09..शहर की पुरानी जीन क्षेत्र में बीती रात को हुई सशस्त्र डकेती की घटना में अज्ञात बदमाश तीन लाख से अधिक का माल समेट कर लेगये घर के मुखिया को बंधक बना कर बदमाश परिवार के अन्य सदस्यों को बंदूक का भय दिखाकर डकेती की बारदात को अंजाम देने में सफल रहे पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के बिरूद्ध मामला कायम कर उनकी पतारसी शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों से उक्त बारदात के संबन्ध में मिली जानकारी के अनुसार पुरानी जीन में रहने वाले पदमचंद जैन के मकान पर सीढी लगा कर आधी रात को अज्ञात बदमाश घर में घुस आये और उन्होने घर के अंदर रखी अलमारी व संदूको के ताले चटकाये उसी दौरान पदमचंद व परिवार के अन्य सदस्यों की नींद खुल गई तो उन्होने बिरोध किया तो बदमाशों ने पदमचंद के हाथ पैर बांध दिये और अन्य सदस्यों के सीने से बंदूक अडा कर उन्हे जाने से मारने की धमकी देकर तीस हजार रूपये नगदी व तीन लाख के सोने ,चांदी के आभूषण समेट कर भाग निकले। पदमचंद का कहना है कि बदमाश की संख्या चार पांच थी किसी के हाथ में बंदूक तो किसी के हाथ में कट्टा तथा लाठी फरसा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग शर्मा का कहना है कि जीन घटना पर शहर कोतवाली पुलिस ने वहरहाल अज्ञात लुटेरो के बिरूद्ध मामला कायम कर लिया है और घटना का मौका मुआयना कर पुलिस बदमाशों की पतारसी में जुट गई है। श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस बदमाशों का शीघ्र पता लगाने में सफल होगी ऐसी उन्हे आशा है। बताया जाता है कि बदमाश मौके पर एक तेहमद छोड गये है जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है। शहर में हुई उक्त सनसनी खेज डकेती की वारदात से पुलिस की सक्रियता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है ब्यापारी वर्ग में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई। शहर में बीते माह की 28 तारीख को पुराना बस स्टेन्ड पर गल्ला ब्यापारी गोपाल गुप्ता हुई दिन दहाडे तीन लाख की लूट और दो लोगों को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा गोली मारे जाने की घटनाओं का शहर कोतवाली पुलिस अभी सुराग नही लगा सकी है और जीन में बीती रात को हुई सनसनी डकेत की बारदात सिटी कोतवाली पुलिस के लिये एक कडी चुनौती है। बदमाश , लुटेरों की से मिली खुली चुनौती पर पार पाने में सिटी कोतवाली को कितने समय में सफला मिलेगी यह तो आने वाला समयही बतायेगा वहरहाल लूट और डकेती बारदातओं ने शहर कोतवाली पुलिस की परेशानी पढा दी है।
आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृध्दि रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाये गए कदमसंदर्भ सामग्री
आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृध्दि रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाये गए कदम 27 कार्तिक, 1931 नई दिल्ली,-18 नवम्बर, 2009 सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की घरेलू बाजार में उपलब्धता में सुधार लाने और मुद्रास्फीति को सामान्य रखने के लिए अनेक अल्प और मध्यमकालिक कदम उठाये हैं । सरकार ने 5 करोड़ 85 लाख 30 हजार टन खाद्यान्न की रेकार्ड खरीद की है जिसमें 3 करोड़ 30 लाख टन चावल और 2 करोड़ 52 लाख 30 हजार टन गेहूं 30.9.09 तक खरीदा गया । न्यूनतम सुरक्षित भंडार रखने के बाद भी बाजार में उचित कीमत पर कीमतें बनाये रखने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद है । 50 लाख टन गेहूं और चावल का सुरक्षित भंडार बना लिया गया है । यह भंडार भारतीय खाद्य निगम द्वारा हर वर्ष बनाये जाने वाले सुरक्षित भंडार के अलावा है । चावल के लिए केन्द्रीय जारी मूल्य गरीबी रेखा से नीचे के लिए 5.65 प्रति किलो और अन्त्योदय अन्न योजना के लिए 2 रूपये प्रति किलोग्राम और गरीबी रेखा से नीचे के लिए गेहूं 4 रूपये 15 पैसे और अन्त्योदय अन्न योजना के लिए 2 रूपये प्रति किलो की दर से रखा गया है जिससे गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और अन्त्योदय अन्न योजना के लाभभोगियों को खाद्यान्न सुलभ हो।
कीमतों की स्थिति की मंत्रिमंडली मूल्य समिति और सचिवों की समिति की उच्च स्तरीय बैठकों में समय-समय पर समीक्षा की जाती है । वित्तीय उपाय-
क. चावल, गेहूं, दालों, खाद्य तेलों (कच्चे) और चीनी तथा मक्के पर आयात शुल्क शून्य तक घटाकर (टीआरक्यू के अंतर्गत 5 लाख टन के अंतर्गत इससे अधिक 15 प्रतिशत शुल्क लागू होगा । ख. रिफाइंड एवं हाइड्रोजेनेटेड तेलों एवं वेजीटेबल तेलों पर आयात शुल्क को घटाकर 7.5 प्रतिशत करना ।
ग. भारत सरकार के आदेश के अंतर्गत गन्ना मिलों द्वारा 1.8.09 तक शक्कर के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा । (17.4.09 को अधिसूचित)। अब इस आदेश को बढाक़र इसे 31.3.2010 तक लागू कर दिया गया है । घ. एसटीसीएमएमटीसी पीईसी और नाफेड द्वारा 10 लाख टन सफेद रिफांड चीनी का आयात शून्य डयूटी पर 1.8.09 तक करने के लिए भारत सरकार द्वारा अनुमति दी जा चुकी है । यह अधिसूचना 17.4.09 को जारी की गई थी । अब इसे बढाक़र 30.11.09 तक कर दिया गया है ।
ड. सभी आयातित शक्कर तथा सफेद रिफाइन्ड चीनी से लेवी हटा ली गई है ।
2. प्रशासनिक उपाय
क. 5 किलो तक के बंद पैकेटों में खाने के तेलों का 10,000 टन तक निर्यात किया जा सकता है । यह सीमा 31 अक्तूबर, 2009 तक लागू रहेगी । ख. खाने के तेलों तथा (काबुली चना को छोड़कर) अन्य दालों के निर्यात पर प्रतिबंध ग. खाने के तेलों के मूल्यों में कोई परिवर्तन नहीं घ. चावल, धान, दालों, चीनी, खाद्य तेलों तथा तिलहनों के मामले में स्टाक लिमिट आर्डर लागू । ड. प्याज (अक्तूबर 2009 के लिए प्रति टन 300 डालर के औसत से) के निर्यात का नियमन करने के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य का इस्तेमाल करना । च. राज्योंकेन्द्र शासित प्रदेशों को 15 रूपये प्रति किलोग्राम की रियायत पर दस लाख टन पर आयातित खाद्य तेलों का वितरण छ. दालों की उपलब्धता बढाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों जैसे -एसटीसी, एमएमटीसी और पीईसी तथा नाफेड को एक स्कीम के तहत दालों का आयात और बिक्री करने की अनुमति दी गई है । इसमें कोई नुकसान हो जाता र्है तो सरकार द्वारा 15 प्रतिशत तक पुन: लौटाया जा सकता है । ज. 10 रूपये प्रति कि.ग्रा. की रियायत पर सार्वजनिक वितरण की दुकानों के माध्यम से राज्य सरकारों को आयातित दालोंका वितरण झ. सरकार ने चीनी कारखानों को घरेलू बाजार में शक्कर बेचने की अनुमति दे दी है और वे टन प्रति टन के हिसाब से निर्यात दायित्व को पूरा कर सकें । ण गैर लेवी चीनी की पर्याप्त मात्रा जारी ट. प्रमुख आवश्यक जीन्सों में भविष्य व्यापार पर पाबंदी
उपरोक्त उपायों के अलावा, सरकार ने कृषि में उत्पादन तथा उत्पादकता में सुधार लाने के उद्देश्य से मध्यम पहलें भी की हैं जैसे - राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम, तिलहनों, दालों, आयल पाम और मक्के के समेकित कार्यक्रम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना ।
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू, 89 मदों पर चर्चा होगीसंसद का शीतकालीन सत्र शुरू New Delhi 18 November 2009 संसद का शीतकालीन सत्र 2009 19 नवंबर, 2009 से आरंभ होना नियत है और सरकारी कार्य की आवश्यकता के अधीन रहते हुए यह सत्र 21 दिसंबर, 2009 को समाप्त होगा। सत्र के दौरान 33 दिनों की अवधि में कुल 23 बैठकें होंगी।
इस सत्र में लोकसभा में लंबित 6 विधेयक तथा राज्यसभा में लंबित 13 विधेयकों पर चर्चा होगी ! कुल 89 मदों पर इस सत्र में चर्चा की जानी है ! जिसमें वापस लिये जाने वाले 2 विधेयक जिसमें संविधान का 61 वां संशोधन 1988 भी शामिल है एवं नये विधेयक 62 पेश किये जायेंगें जिसमें राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना संशोधन विधेयक 2009, संविधान संशोधन विधेयक 2009, व्यापार चिहन संशोधन विधेयक 2009, सिक्का निर्माण विधेयक 2009, नागरिक सुरक्षा संशोधन विधेयक 2009, तकनीकी व चिकित्सा संस्थानों में अनुजु व्यवहार प्रतिषेध अधिनियम 2009, समान अवसर आयोग विधेयक 2009, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान संशोधन विधेयक 2009, कापीराइट संशोधन विधेयक 2009, पंचायतों में महिलाओं के लिये आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक 2009, लोकहित का प्रकटीकरण और प्रकट करने वाले व्यक्तियों को संरक्षण विधेयक 2009, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2009, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंध विधेयक 2009, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक 2009, अनुसूचित जनजातियों पर आदेश संबंधी संविधान संशोधन विधेयक 2009, बांध सुरक्षा विधेयक 2009, निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिये बालकों के अधिकार संशोधन विधेयक 2009, उपभोक्ता संरक्षण संशोधन विधेयक 2009, भारतीय मानक ब्यूरो संशोधन विधेयक 2009, कराधान विधि संशोधन विधेयक 2009, नैदानिक स्थापना रजिस्ट्रीकरण एवं विनियमन विधेयक 2009, जनगणना संशोधन विधेयक 2009, मंत्रियों के वेतन भत्ता संशोधन विधेयक 2009, दण्ड प्रक्रिया संहिता संशोधन विधेयक 2009, शैक्षणिक अधिकरण विधेयक 2009, अभियन्ता (इंजीनियर्स) विधेयक 2009, न्यायायिक मानक और दायित्व विधेयक 2009, केन्द्रीय सतर्कता आयोग संशोधन विधेयक 2009, भ्रष्टाचार निवारण संशोधन विधेयक 2009, अध्यापकों की शिक्षा के लिये राष्ट्रीय परिषद संशोधन विधेयक 2009 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं !
पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती आज हीरापुरा मेंपूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती आज हीरापुरा में भिण्ड 17 नवम्बर 2009 / प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमाभारती बुधवार 18 नवम्बर को भिण्ड जिले की तहसील मेहगांव के ग्राम हीरापुरा में प्रात:10 बजे आऐगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुश्री उमाभारती प्रात:9.30 बजे इटावा से सडक मार्ग से प्रस्थान कर मेहगांव तहसील के ग्राम हीरापुरा में स्वर्गीय मुन्नासिंह नरवरिया के निवास पर पहुंचेगी। वे शाम 4 बजे हीरापुरा से ग्वालियर के लिये प्रस्थान करेगी।
नगरीय निकाय आम निर्वाचन हेतु धारा 144 प्रभावशील 18 दिसम्बर तक रहेगा प्रतिबंधनगरीय निकाय आम निर्वाचन हेतु धारा 144 प्रभावशील 18 दिसम्बर तक रहेगा प्रतिबंध जुलूस एवं आमसभा हेतु 48 घण्टे पूर्व लेनी होगी अनुमति भिण्ड 17 नवम्बर 2009 जिला दण्डाधिकारी भिण्ड सुहेल अली द्वारा नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2009 के आम निर्वाचन की संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित कराने, कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये 16 नवम्बर से 18 दिसम्बर तक धारा 144 प्रभावशील की गई है। जिसके तहत भिण्ड जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावशील रहेगा। अधिकृत जानकारी में बताया गया है कि लागू किये गये प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति, अभ्यर्थी, और राजनैतिक दल सक्षम अधिकारी एवं संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की 48 घण्टे पूर्व अनुमति एवं पुलिस को पूर्व सूचना दिये बिना सार्वजनिक स्थान पर न तो किसी आमसभा का आयोजन करेगा और न ही टेन्ट एवं शामियाना लगा सकेगा। और न ही कोई जुलूस निकाल सकेगा। नेताओं के पुतले लेकर चलने पर होगा प्रतिबंध नागरीय निकायों के आम निर्वाचन के लिये जिला दण्डाधिकारी भिण्ड द्वारा लागू की गई धारा 144 के तहत कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी, अन्य राजनैतिक दलों के सदस्यों या उनके नेताओं के पुतले लेकर नही चल सकेगें। इसी तरह नेताओं के पुतले को सार्वजनिक स्थान पर जलाने और इस प्रकार के अन्य प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सभी प्रकार के शस्त्र 18 दिसम्बर तक निलंबित संबंधित थानो में 26 नवम्बर तक शस्त्र जमा कराना अनिवार्य जिला दण्डाधिकारी भिण्ड सुहेल अली ने नगरीय निकायों के आम निर्वाचन को निष्पक्ष एवं शांति पूर्ण सम्पन्न कराने के लिये भिण्ड जिले के निर्धारित फार्म 3 और 5 में जारी सभी प्रकार के शस्त्रों को तत्काल प्रभाव से 18 दिसम्बर तक निलंबित किया है। जिले के सभी लायसेंसी शस्त्र धारियों को आदेशित किया गया है कि वे अपने शस्त्र संबंधित थाने में 26 नवम्बर तक अनिवार्य रूप से जमा कराये। घातक अस्त्र,शस्त्र और विस्फोटक पदार्थ लेकर चलना प्रतिबंधित भिण्ड 17 नवम्बर 2009 जिला दण्डाधिकारी भिण्ड ने नगरीय निकायों के चुनाव के मद्देनजर भिण्ड जिले की सीमा में घातक अस्त्र, शस्त्र एवं हथियार तथा विस्फोटक पदार्थो को लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर 16 नवम्बर से 18 दिसम्बर तक प्रभावशील रहेगा। इसी तरह निकाय निर्वाचन के दौरान जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा निर्वाचन प्रक्रिया स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराने के लिये शस्त्र विक्रेताओं की दुकानों से शस्त्र एवं कारतूस के विक्रय के संबंध में प्रतिबंध लगाया गया है। जिसके तहत किसी भी दुकान से किसी भी शस्त्र या विस्फोटक पदार्थो के परिवहन क्रय एवं विक्रय पर प्रतिबंध रहेगा। जारी आदेश के उल्लघन पर या उक्त कृत में किसी भी प्रकार के सहयोगी कृत्य करने पर दुकानदार के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जाकर अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्यवाही की जावेगी। नगरीय निकाय निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न होने तक भिण्ड जिले के आर्म्स डीलर दुकानों को शील्ड कराने के संबंध में भी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है। जिसके तहत जिले में स्वीकृत आर्म्स डीलर दुकानों को 16 नवम्बर से 18 दिसम्बर तक दुकान का स्टॉक, सेफ में रखे शस्त्र-अस्त्र का परीक्षण कर संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के साथ दुकान शील्ड करने के और अंतिम स्टॉक के लेखे की जॉच की जानकारी जिला दण्डाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के आदेश दिये गये है।
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यह आपकी अतिथि पुस्तिका है Thanks for visiting!
मित्रो यहॉं हम अपनी चन्द उन पसन्दीदा पुस्कों का उल्लेख कर रहे हैं, जिन्हें हम खुद से अच्छा लेखक और विचारक मानते हैं, और हमारे जीवन में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाने में जिनका अहम योगदान है । तथा वे भी जो हमें व्यक्तिगत तौर पर पसन्द हैं । जो जीवन को आदर्श, सरस, सरल और सुरूचिपूर्ण व सबसे अलग (भीड़ से अलग) तथा कुछ विशिष्ट बनातीं हैं । मौका मिले तो पढि़ये जरूर ।
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