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Govt withdraws RTI act amendmentsGovt withdraws RTI act amendments
Courtesy : NDTV see www.ndtv.com
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आदिवासी छात्रों के लिए सुरक्षा बीमा योजना ग्वालियर 17 अगस्त 2006 प्रदेश के छात्रावास और आश्रमों में रह कर पढ़ाई कर रहे छात्रा-छात्राओं के लिए विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना शुरू की गई है । इस योजना के अन्तर्गत बस दुर्घटना मृत्यु होने अथवा स्थाई अपंगता की स्थिति में 50 हजार रू. तथा 40 प्रतिशत तक स्थाई आंशिक अपंगता होने पर 25 हजार रू. और पांच हजार इलाज खर्च का भुगतान किया जायेगा । आदिम जाति कल्याण विभाग के संचालित छात्रावास और आश्रमों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं को देश में कहीं भी उनकी शैक्षणिक, खेल-कूद या अन्य किसी प्रतिस्पर्धा अयोजन संबधी यात्रा के दौरान बीमा सुरक्षा का यह कबच मिलेगा । इसकी अवधि पूरे वर्ष 24 घंटे प्रभावशील रहेगी । इस योजना के अन्तर्गत जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण द्वारा हर साल 15 जून तक छात्रावास या आश्रम में पढ़ाई के लिए दाखिल होने वाले छात्र छात्राओं की संख्या के मुताविक प्रीमियम राशि का भुगतान बीमा कम्पनी को किया जायेगा । इसके बाद बीमा कम्पन्नी द्वार पोलिसी जारी की जायेगी । प्रत्येक वर्ष इस पोलिसी का नवीनीकण करना होगा । बीमा राशि के भुगतान दवा संबंधी प्रमाण के साथ जिला संयोजक द्वारा बीमा कंपन्नी को किया जायेगा । बीमा कम्पन्न द्वारा पूर्ण दावा प्रकरणों का 15 दिवस के भीतर निराकरण कर भुगतान राशि का चैक संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों जिला संयोजक के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा ।
संस्कृत छात्रवृति हेतु प्रस्ताव आमंत्रितp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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संस्कृत छात्रवृति हेतु प्रस्ताव आमंत्रित ग्वालियर 7 अगस्त 2006संस्कृत विकास योजना के अन्तर्गत शासन से मानयता प्राप्त हाईसकूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में मेधावी विद्यार्थियों को संस्कृत छात्रवृति प्रदान की जायेगी । इसके लिए संस्था प्रमुखों से 31 अगस्त तक प्रस्ताव चाहे गये हैं । जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार कक्षा 8 बीं की मुख्य परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत तथा संस्कृत विषय में कम से 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने तथा कक्षा 9 और 10 में अध्ययनरत विद्यार्थी इस छात्रवृत्ति में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले तथा कक्षा 11 वीं और 12 वीं में संस्कृत विशय लेकर नियमित विद्यार्थी के यप में अध्ययनरत विद्यार्थी को संस्कृत के लिए अनुशांसित छात्र को अन्य किसी भी प्रकार की दात्रवृत्ति के लाभ की पात्रता नहीं होगी ।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति का वितरण दो किश्तों मेंp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति का वितरण दो किश्तों में ग्वालियर 17 अगस्त 2006अनुसूचित जाति के विद्याथियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का वितरण दो किश्तो में किया जायेगा । प्रथम किश्त की छात्रवृत्ति का वितरण 7 से 15 सितम्बर तक तथा द्वितीय किश्त का वितरण 20 से 28 फरवरी के बीच शिविर आयोजित कर किया जायेगा । प्रथम किश्त की छात्रवृत्ति के वितरण का प्रतिवेदन 7 अक्टूर 06 तक आयुक्त आदिवासी विकास मध्य प्रदेश को भेजना अनिवार्य रहेगा । जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण के अनुसार छात्रवृत्ति वितरण के लिए प्रत्येक विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण संस्था में पात्र अनुसूचित जाति , जन जाति विद्यार्थियों की एक स्थायी पंजी तैयार की जायेगी । इस पंजी की एक छायाप्रति जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण कार्यालय में जमा करानी होगी । प्रथम किश्त की छात्रवृति में पांच माह की छात्रवृत्ति का वितरण 7 सितम्बर से 15 सितम्बर के बीच केम्प आयोजित कर किया जायेगा । छात्रवृत्ति का वितरण पात्र विद्यार्थियों को बैंक अथवा डाकघर के खाते से एकाउण्ट पैजी चैक द्वारा ही किया जायेगा । द्वितीय किश्त का वितरण 20 से 28 फरवरी के बीच किया जायेगा । छात्रवृत्ति का वितरण संस्था प्रमुख एक कलेक्टर द्वारा अधिस्वीकृति उत्तरदायी अधिकारी के समक्ष किया जायेगा ।
फर्जी प्रकरण वापस लिये जायें, मुंशीलाल इस्तीफा दें, वरना दस दिवस में जन आन्दोलन- कांग्रेस कमेटी मुरैना ने दिया अल्टीमेटम.shape
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फर्जी प्रकरण वापस लिये जायें, मुंशीलाल इस्तीफा दें, वरना दस दिवस में जन आन्दोलन- कांग्रेस कमेटी मुरैना ने दिया अल्टीमेटम मुरैना ! जिला कांग्रेस कार्यालय मुरैना पर आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष भगवान सिंह तोमर ने प्रदेश की भाजपा सरकार को नीति विहीन एवं अन्यायी सरकार बताते हुये प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं एम.पी.एग्रो के चेयरमेन मुंशीलाल खटीक के इस्तीफे की मांग की है ! पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि मुरैना सिटी कोतवाली के सिटी कोतवाल यानि टी.आई. को जिस प्रकार हटाया गया है उससे भाजपा का चरित्र, चाल कथनी एवं करनी का भेद उजागर हो गया है ! मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का कहना था कि वे प्रशासन के कार्यों में राजनीतिक दखलंदाजी नहीं करेंगें ! लेकिन मुरैना सिटी कोतवाली के टी.आई. को स्वयं मुख्यमंत्री ने हटा कर एक नई परिपाटी को जन्म दिया है और सिध्द कर दिया है कि टी.आई. को हटाने या स्थानान्तरित करना मुख्यमंत्री का कार्य है, यानि एस.पी. के स्थानान्तरण अब राज्यपाल या प्रधानमंत्री के स्तर की बातें है ! इस प्रकार की घटना से न केवल ईमानदारी से काम करने वाले, नेक सज्जन और देशभक्त शासकीय कर्मचारी आहत हुये हैं बल्कि जनता में भी स्पष्ट संदेश गया है कि भाजपा के कुशासन में ईमानदार और अच्छे कर्मचारीयों का अंजाम है दण्ड ! इस सारे घटनाक्रम में मुरैना में जिस प्रकार की गुण्डागर्दी हुयी और तथाकथित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष ने और अन्य गुण्डों शहर में जिस प्रकार का आतंक बरपाया और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के समक्ष जिस प्रकार का आन्दोलन किया वह न केवल भारतीय लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है बल्कि जिस प्रकार की अश्लील व गंदा गाली गलौज आन्दोलन के दौरान ऐन कचहरी के दरवाजे पर विद्यार्थी परिषद ने किया और प्रशासन व पुलिस अफसरों को जिस प्रकार बेइज्जत किया गया उससे हर शहरी का माथा शर्म से झुक गया ! उनकी ऐसी करतूतों को जब प्रदेश के किसी भी मंत्री,राजनेता, और उच्च अधिकारी ने समर्थन नहीं दिया तो खुद मुख्यमंत्री ने टी.आई. को हटाया ! इससे गुण्डागर्दी करने वालों और अवैध आन्दालनों को बढ़ावा मिला है ! इस प्रकार से जिले में अराजकता व्याप्त हो गयी है और प्रशासन लगभग फेल हो चुका है ! कोई भी अधिकारी कर्मचारी अब काम नहीं कर पा रहा और छोटे छोटे साधारण कामों के लिये भी मुख्यमंत्री के निर्देशों का इन्तजार करना पड़ता है ! मुख्यमंत्री के निर्देश के बगैर अब न तो एक भी फाइल सरकती है और न जिले में सब्जी बिकती है ! भाजपा के असरदार नेताओं ने प्रशान को पंगु कर दिया है ! वे हर फाइल में और प्रशासन के हर कार्य में न केवल टांग अड़ाते हैं बल्कि उनकी इच्छानुसार गलत काम न होने पर मुख्यमंत्री से आदेश करवाते हैं ! सरकार के इस रवैये पर कांग्रेस जन आन्दोलन छेड़ेगी ! कांग्रेस अध्यक्ष ने अवैध आन्दोलनकारीयों और कचहरी पर आन्दोलन के नाम पर उत्पात और गुण्डागर्दी करने वाले आपराधिक व असामाजिक तत्वों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की ! उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिलाध्यक्ष शिवराज शर्मा ने कई गुण्डों के साथ पहले स्थानीय महाविद्यालय में मारपीट व गुण्डागर्दी की बल्कि उसके बाद पुलिस के साथ भी मारपीट व हाथापाई की थी जिस पर पुलिस ने शिवराज शर्मा को दाखिले हवालात कर दिया था ! उसके बाद कई आपराधिक तत्वों ने शहर में खुलकर गुण्डागर्दी और उपद्रव मचाया, जिस पर सीधी कार्यवाही कर मुख्यमंत्री ने मुरैना सिटी कोतवाली के टी.आई. डी.एस. परिहार को लाइन अटैच कर दिया था ! स्थानीय राजनीति में यह मामला इसलिये भी उबाल खा गया था कि भाजपा सरकार राजपूतों की विरोधी है और सारे राजपूतों को उसने येन केन प्रकारेण हटाने व निपटाने की मुहिम चला रखी है, इस बात को लेकर चम्बल के राजपूत भड़क गये थे और कई गांवों में राजपूतों ने पंचायतें करके एक होकर सरकार का मुकाबला करने का संकल्प लिया था ! राजपूत नेताओं को भी खुल कर राजपूतों की बात ऊपर तक उठाने के लिये राजपूतों ने निर्देशित किया था ! ज्ञातव्य है कि घाटी में जनाक्रोश काफी भड़का हुआ है और अम्बाह पोरसा का ऐतिहासिक घटनाक्रम कभी भी जिले में कभी भी दोहराया जा सकता है ! जहाँ पुलिस और पब्लिक के बीच खुला युध्द हुआ था और साढ़े छह घण्टे तक लगातार पुलिस व पब्लिक के बीच गोली चली थी और कई लोग इस घटनाक्रम में मारे गये थे यह घटना इसी भाजपा शासन काल की है ! बाद में सरकार को ही झुकना पड़ा था और पीछे हटना पड़ा था , क्योकि हर घर से विद्रोह उठ खड़ा हुआ था और लोग मरने के लिये अपने घरों से निकल कर सड़कों पर आ गये थे ! यह भी स्मरणीय है कि यही वह क्षेत्र है जहाँ रामप्रसाद विस्मिल जैसे अमर शहीद ने जन्म लिया और स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास रचा, यह वही स्थान है जहाँ के हजारों बेटे आज भी देश की सेना में अग्रणी मोर्चो की कमान संभालें हैं, अनेक घरों ने अपने युवा बेटों को देश की रक्षा के लिये कुर्बान कर शहीदी होने का गौरव हासिल किया है ! आन बान और शान के लिये मशहूर यह राजपूत क्षेत्र एक लम्बे समय से राजनीतिक तौर पर भाजपा का गढ़ रहा है ! उस समय जब कांग्रेस को प्रदेश और केन्द्र में वर्चस्व व शासन रहा तब भी इस क्षेत्र में सदा भाजपा ही जीती और अब राजपूतों में भड़की भाजपा के प्रति नफरत आगे क्या इतिहास रचेगी यह तो वक्त के गर्भ में हैं ! कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगवान सिंह तोमर के साथ ही पत्रकार वार्ता में मौजूद मुरैना नगर पालिका अध्यक्ष मुरारी लाल खस ने कहा कि भाजपा के नेता मुंशी लाल ने उनसे राजनीतिक व सामाजिक रंजिश साधते हुये अपने पद का दुरूपयोग किया है और पद का सहारा लेकर अपने स्वयं के व मुख्यमंत्री के रूतबे का इस्तेमाल कर स्वयं थानें में बैठकर उनके व समाज के अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई है ! नपाध्यक्ष खस ने घटना का हवाला देते हुये कहा कि खटीक समाज ने पिछले दिनों समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया था जिस पर समाज ने बीस लाख रूपये का चन्दा करके मुंशी लाल को सौंपा था और समाज के नाम से बैंक में खाता न होने के कारण मुंशीलाल ने यह राशि स्वयं रख ली थी ! किन्तु सामूहिक विवाह आयोजन में कोई व्यवस्था नहीं की गयी और जब बाद में समाज की दो बार हुयी बैठकों में मुंशीलाल को बुला कर चन्दे का हिसाब मांगा गया तो वे बैठकों में नहीं आये और हिसाब नहीं दिया ! जिस पर खटीक समाज ने एक राय होकर मुंशीलाल का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था ! जिससे क्षुब्ध होकर मुंशीलाल ने मुख्यमंत्री से सांठगांठ कर चन्दे की राशि का हिस्सा मुख्यमंत्री को देकर खटीक समाज के लोगों पर कहर ढाने शुरू कर दिये ! अनेक कर्मचारीयों व अधिकारीयों के स्थानान्तरण कर दिये गये अनेक के खिलाफ विभागीय जांचें चालू कर दीं गयीं ! और अनेक के खिलाफ पुलिस में फर्जी प्रकरण दर्ज करा दिये गये ! पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि मुंशीलाल आप और आपके ही गुट के विरूध्द ऐसा क्यों कर रहे हैं अन्य किसी के विरूध्द क्यों नहीं ? इस पर खस का कहना था कि हिम्मत कर के चन्दे का हिसाब हम ने ही मांगा था और मुशीलाल की हिटलरशाही को लगाम लगाई थी जिससे मुंशीलाल हमसे रंजिश मानता है ! मुशीलाल और मुख्यमंत्री मिलकर समाज का चन्दा पचाना चाहते हैं जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा ! कांगेसी आन्दोलन का शंखनाद करते हुये जिलाध्यक्ष भगवान सिंह तोमर ने कहा कि खटीक समाज के नाम पर किया गया चन्दा शासकीय विभागों व शासकीय अधिकारीयों व कारखानों एवं उद्योगपतियों से मुंशीलाल ने लाल बत्ती की गाड़ी का दुरूपयोग करके किया है, जिसका उन्हें कोई हक नहीं था ! कांग्रेस इस चन्दे का हिसाब मुंशीलाल से मांगती है और यह चन्दा सार्वजनिक सम्पत्ति है इसे मुंशीलाल को तुरन्त जनता को सौंप देना चाहिये या रेडक्रास में जमा कर देना चाहिये ! उन्होंने कहा कि मुंशीलाल जो कि वर्तमान में एम.पी.एग्रो के चेयरमेन हैं को उनके खिलाफ आरोपों के चलते नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिये वरना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तुरन्त मुंशीलाल को एम.पी.एग्रों के चेयर मेन पद पर से बर्खास्त करें, डी.एस परिहार टी.आई. सिटी कोतवाली को तुरन्त यथावत बहाल करें और शहर में व कलेक्ट्रेट में घुसकर उपद्रव व गुण्डागर्दी फैला कर अधिकारीयों एवं कर्मचारीयों के साथ आम जनता को आतंकित व अपमानित करने वाले तथाकथित आन्दोलनकारी विद्यार्थी परिषद के गुण्डों के विरूध्द आपराधिक प्रकरण कायम किया जाये और मुख्यमंत्री द्वारा गाहे बगाहे हस्तक्षेप व अपराध बढ़ाने वाली हरकतों पर नियंत्रण किया जाये अन्यथा कांग्रेस बाध्य होकर दस दिवस के भीतर और पन्द्रह अगस्त के बाद एक व्यापक व बृहद जन आन्दोलन छेड़ेगी ! राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार नियोजन अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्तिp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार नियोजन अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्रीमती सूर्यकांता पाटील ने आज लोक सभा में लिखित उत्तर में बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों से एनआरईजीए के लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है । केन्द्र सरकार ने राज्यों को 2 प्रतिशत प्रशासनिक खर्च की सीमा के भीतर प्रत्येक 10 पंचायतों के लिए एक तकनीकी सहायक को 4000 रुपये प्रति माह की दर से मजदूरी दिए जाने की अनुमति भी दी है । राज्य उपलब्ध श्रमशक्ति में से एनआरईजीए के लिए अतिरिक्त तकनीकी श्रमशक्ति की व्यवस्था करने और खर्च की अधिकतम सीमा में यथासंभव अतिरिक्त भर्ती करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं । झारखंड में तकनीकी सहायकों की अनुबंध आधार पर नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव पर कार्रवाई की जा रही है । गुजरात सरकार ने जिला तथा तालुका स्तर पर 6 उप-अभियंताओं, 471 सहायक अभियंताओंअतिरिक्त सहायक अभियंताओं की नियुक्ति की है । राजस्थान ने एनआरईजीए जिलों में 140 सहायककनिष्ठ अभियंताओं की तैनाती की है । केरल ने एनआरईजीए के लिए कुछ अभियंताओं की नियुक्ति की है । मध्य प्रदेश में 700 कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति संबंधी कार्रवाई चल रही है । आंध्र प्रदेश में राज्य सरकार ने 10 पंचायतों के लिए एक तकनीकी सहायक के लिए अनुमति दे दी है । कुछ राज्यों ने विद्यमान स्टाफ को पुन: तैनात किया है । उत्तर प्रदेश ने अभियंताओं का पैनल बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं ।
प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पंचायत मुख्यालयों को आपस में जोड़नाp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पंचायत मुख्यालयों को आपस में जोड़ना ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्रीमती सूर्यकांता पाटील ने आज लोक सभा में लिखित उत्तर में बताया कि प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना मांग आधारित कार्यक्रम है । प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के दिशा-निर्देशों में यह उल्लेख है कि जिला पंचायत सड़क कार्यों की वार्षिक सूची बनाते समय यह सुनिश्चित करेगी कि नये सड़क संपर्कउन्नयन के लिए प्राथमिकता क्रम का सख्ती से पालन हो रहा है । प्राथमिकता क्रम में एकमात्र छूट (नए सड़क संपर्क में) कोर नेटवर्क के उन रूटों के बारे में है, जिनमें ग्राम पंचायत मुख्यालय अथवा विपणन केन्द्र अथवा अन्य शैक्षणिक या चिकित्सीय आवश्यक सेवाएं अथवा जो पर्यटन अनुकूल स्थानों के रूप में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित माना जाता है, शामिल हैं । ऐसे मामलों में, आबादी के आकार पर ध्यान दिए बिना नया सड़क संपर्क कार्य शुरू किया जा सकता है ।
डी आर डी ए प्रशासन के दिशा-निर्देशों में संशोधनp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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डी आर डी ए प्रशासन के दिशा-निर्देशों में संशोधन सरकार ने जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) प्रशासन के दिशा-निर्देशों में और आगे संशोधन किये हैं और राज्य सरकारों को समूह ग के पदों पर अनुबंध के आधार पर योग्य एवं अनुभवी लोगों की नियुक्ति की अनुमति मिल गई है । संशोधित प्रावधानों के अनुसार परियोजना निदेशक, परियोजना अधिकारी, एपीओ और सभी तकनीकी पदों पर योग्यता सिध्द और कार्य समर्पित अधिकारी नियुक्त होने चाहिए तथा उनका चयन विशेष चयन समितियों द्वारा किया जाना चाहिए । परियोजना निदेशकों का चयन राज्य के मुख्य सचिवविकास आयुक्तअवर मुख्य सचिव की अध्यक्षता तथा राज्य के ग्रामीण विकास सचिव की संयोजकता वाली स्थिति के जरिए होना चाहिए । इसी प्रकार एपीओ स्तर के अधिकारियों एवं अन्य सभी तकनीकी अधिकारियों का चयन राज्य ग्रामीण विकास सचिव की अध्यक्षता वाली चयन समिति के माध्यम से होना चाहिए । राज्य सरकारें समूह क,ख,ग में मंजूर पदों को तकनीकी रूप से योग्य एवं अनुभवी लोगों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त करके भर सकती हैं । हालांकि, मंजूर पदों की संख्या, दिशा-निर्देशां में निर्धारित डीआरडीए स्टाफ ढांचे से अधिक नहीं होनी चाहिए । इन पदों के लिए कुल परिलब्धियां राज्य सरकार द्वारा देय मूल वेतन और अन्य भत्तों से अधिक नहीं होनी चाहिए । राज्य सरकारें इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण कर सकती हैं तथा राज्य ग्रामीण विकास सचिव की अध्यक्षता वाली चयन समिति इन पदों पर अस्थायी नियुक्ति कर सकती है । इस तरह की नियुक्ति समूह घ में रिक्त पदों पर नहीं की जा सकती है । इन पदों के लिए देय कुल परिलब्धियां का 25 प्रतिशत भार राज्य सरकार को वहन करना है तथा शेष 75 प्रतिशत भार केन्द्र सरकार वहन करेगी । जहां कहीं भी डीआरडीए यह समझता है कि अमुक कार्य के आऊटसोसिंग की आवश्यकता है, तो वह ऐसा कर सकती है लेकिन इस पर होने वाला व्यय कुल वेतन लागत के 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए । लेकिन समूह ग और घ पदों के लिए कार्यों की आऊट सोर्सिंग की अनुमति नहीं हैं । इस बारे में राज्यों के सभी ग्रामीण विकास सचिवों को अवगत करा दिया गया है ।
बच्चों और किशोरों का मानसिक स्वास्थ्यp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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बच्चों और किशोरों का मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र मानसिक स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित बच्चों के प्रतिशत के बारे में आंकड़े नहीं रखता है। हालांकि 2001 की जनगणना के अनुसार मानिसक रूग्णता के शिकार बच्चों (14 साल तक के) की संख्या 5,34,818 है । पुनर्गठित राष्ट्रीय मानिसक स्वास्थ्य कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की एक प्रमुख पहल है । इस कार्यक्रम के प्रमुख घटक इस प्रकार हैं - 1. जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम 2. मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग को मजबूत बनाना 3. मानसिक अस्पतालों का उन्नयन 4. आईईसी 5. अनुसंधान एवं प्रशिक्षण दसवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए 139 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं । कार्यक्रम में बच्चों और किशोरों समेत सभी वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है । यह जानकारी केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदास ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।
जड़ी-बूटियों की खेतीp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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जड़ी-बूटियों की खेती स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत केन्द्रीय यूनानी औषधि अनुसंधान परिषद तथा केन्द्रीय आयुर्वेद एवं सिध्द अनुसंधान परिषद ने विभिन्न औषधीय पौधों की उपलब्धता का पता लगाने के लिए देश के विभिन्न वन क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया है। औषधीय पौधों की खेती को बढावा देना सरकार के मूलभूत नीतिगत उद्देश्यों में से एक है । वाणिज्यिक महत्व के औषधीय पौधों की खेती के लिए अनुकूल मौसम वाले विभिन्न क्षेत्रों की पहचान की गई हैं । राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड अनुबंध फ्रेमिंग स्कीम के क्रियान्वयन में काफी पहले से जुटा हुआ है । स्कीम के तहत औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानोंउत्पादकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है । स्कीम को सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है । कृषि एवं सहकारिता विभाग ने दसवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत एक केन्द्र प्रायोजित स्कीम शुरू की है, जिसमें राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की पहल पर 2006-07 से औषधीय पौधों की खेती को एक घटक के रूप में शामिल किया गया है। यह जानकारी केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा0 अंबुमणि रामदास ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रसारण सेवा विनियमन पर प्रस्तावित विधेयक के बारे विचार आमंत्रित किएp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रसारण सेवा विनियमन पर प्रस्तावित विधेयक के बारे विचार आमंत्रित किए बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के आलोक में सूचना और प्रसारण मंत्रालय प्रसारण सेवाओं के संचालन को विनियमित करने के बारे में एक विधेयक लाने के मुद्दे पर विचार कर रहा है । 1995 में दिए गए इस फैसले में कहा गया है कि प्रसारण तरंगें सार्वजनिक सम्पत्ति होती हैं और जनता के हित में इन पर सार्वजनिक प्राधिकरण का नियंत्रण होना चाहिए । विभिन्न हितधारकों और आम लोगों की राय जानने के लिए प्रसारण सेवा विनियम विधेयक का प्रस्तावित मसौदा और विचार-विमर्श दस्तावेज सूचना और प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट www.mib.nic.in पर रखे गए हैं । विधेयक के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार तथा दृष्टिकोण nb.kumar@nic.in ई-मेल पते पर या 23381043 पर फैक्स द्वारा या श्री एन बिजेन्द्र कुमार, संयुक्त सचिव (प्रसारण), कमरा न. 649-ए, ए विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001 को डाक द्वारा 11 सितम्बर, 2006 तक भेजे जा सकते हैं ।
नागरिक निचले स्थानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों में पहुंचेp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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नागरिक निचले स्थानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों में पहुंचे शासन द्वारा राहत कैम्प खुलवाए गए, स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने नगर भ्रमण कर जल निकासी व्यवस्था व राहत शिविरों की व्यवस्था को देखा लगातार बारिश के चलते उज्जैन नगर की कई निचली बस्तियों में पानी भर गया है वहीं समीप स्थित उण्डासा तालाब खतरे के निशान से ऊपर आ गया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निचले स्थानों को तुरन्त छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर आ जाएँ । प्रशासन द्वारा स्थान-स्थान पर राहत शिविर खोले गये हैं जहाँ पर सबके खाने-पीने की एवं चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। उण्डासा तालाब खतरे के निशान से ऊपर आ गया है। अत: आसपास के समस्त रहवासी तुरन्त सुरक्षित स्थानों में पहुंचे। प्रशासन और पुलिस का सारा अमला नागरिकों की मदद के लिए तैनात हैं, उसकी मदद लें। प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री पारस जैन ने उज्जैन के इंदिरा नगर व अन्य रहवासी क्षेत्रों, जहाँ पर पानी भर गया है का भ्रमण कर वहाँ नागरिको से चर्चा की तथा वहाँ भरे जल की निकासी एवं नागरिको को राहत पहुंचाए जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए। कलेक्टर श्री नीरज मण्डलोई एवं पुलिस अधीक्षक श्री जयदीप प्रसाद ने नगर की विभिन्न निचली बस्तियों में जाकर वहाँ भरे पानी की निकासी की व्यवस्था किये जाने, वहाँ रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने, उन्हैं आवश्यकतानुसार राहत कैम्पों में ले जाने, उनकी खाने-पीने एवं चिकित्सा आदि समुचित रूप से व्यवस्था किए जाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए। कलेक्टर श्री मण्डलोई व पुलिस अधीक्षक श्री प्रसाद द्वारा इंदिरा नगर, रूद्रसागर तालाब, हरसिध्दि क्षेत्र ,क्षिप्रा तट, गधा पुलिया, नीलगंगा क्षेत्र, देवासगेट बस स्टेंड आदि स्थानों का भ्रमण किया, वहाँ के लोगों से उपरोक्त व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की तथा तदनुसार सारी व्यवस्थाएँ पूर्ण सावधानी एवं तत्परता के साथ संपादित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर द्वारा करंट फैलने की आशंका होने पर नागझिरी क्षेत्र का विद्युत फीडर तुरंत बन्द करवाया गया। इंदिरा कालोनी के बड़े नाले के पानी के तुरन्त निकास के निर्देश दिए। वहाँ जे.सी.बी. मशीन द्वारा पानी निकास की व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को समस्त स्कूलों की छुट्टी करने तथा वहाँ राहत कार्य खोले जाने के निर्देश दिए। इन शिविरों में स्कूल स्टाफ व शिक्षकों का सहयोग लिया जाए। जिले के समस्त तालाबों की सुरक्षा व्यवस्था भी किए जाने के निर्देश संबंधितों को दिये गए। पुलिस अधीक्षक श्री जयदीप प्रसाद ने राहत कार्यो में पुलिस द्वारा पूरी मदद किए जाने तथा होमगार्ड के तैराकों की आवश्यकतानुसार मदद लिए जाने के निर्देश दिए। उण्डासा तालाब के खतरे के निशान से उपर पहुंचने पर प्रशासन द्वारा वहाँ के लोगों को ट्रेक्टर एवं ट्रालियों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है । वहाँ ग्राम पंचायत एवं स्कूल भवन में लोगों के रूकने की व्यवस्था की गई है । जल संसाधन विभाग के अगले को तालाब की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया है। उज्जैन नगर के लिए राहत प्रभारी श्री मनोज पुष्प एस.डी.एम. उज्जैन को बनाया गया है, जिनका मोबाईल नम्बर 94251-46610 है। इसी प्रकार उंडासा तालाब क्षेत्र में राहत कार्यो के लिए जिला सत्कार अधिकारी श्री एस.के.दुबे को तैनात किया गया है जिनका मोबाईल नम्बर 94250-93848 है। राहत कार्य में कोई भी बाधा होने पर इन अधिकारियों से सम्पर्क किया जा सकता है। प्रशासन द्वारा राहत शिविर प्रारंभ जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ राहत के लिए राहत शिविर -मॉडल हायर सेकेन्डरी स्कूल, साँवेर रोड़ उज्जैन, नूतन हायर सेकेन्डरी स्कूल, श्री हरसिध्दि मंदिर के पास उज्जैन, माधव नगर हायर सेकेन्डरी स्कूल उज्जैन, तथा मोढ़ की धर्मशाला गणगौर दरवाजा ,रामघाट क्षेत्र जूना सोमवारिया में बनवाए गये हैं । बेगमबाग जमात खाना में भी नागरिको की सुविधा को देखते हुए राहत कैम्प चालू कर दिया गया है । इनके अलावा विभिन्न स्कूलों में भी राहत कैम्प बनाए गए हैं। इन कैम्पों में अभी तक लगभग 1500 लोग आकर रूके हैं जिनकी समुचित व्यवस्था की गइ है । स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री पारस जैन ने राहत कैम्प में भोजन पैकेट वितरित किए प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री पारस जैन ने वर्षा राहत के लिए मॉडल स्कूल उज्जैन में बनाए गए राहत शिविर में रूकवाए गये लगभग 300 लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए तथा उनकी कुशलक्षेम पूछी । श्री जैन ने वहाँ रूके लोगों को आश्वासन दिया कि उनके खाने-पीने, चिकित्सा आदि का पूरा ध्यान शिविर में रखा जाएगा तथा उन्हें शासन के नियमों के अनुसार यथा संभव मदद शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन ने मॉडल स्कूल के समीप एकता नगर एवं लौहार पट्टी का भ्रमण कर वहाँ की स्थिति देखी, वहाँ के रहवासियों से बातचीत की तथा उनको पूरी राहत दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बस्ती में भरे पानी के समुचित निकास के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
समस्याओं का गांव में ही निराकरण होगा -- मुख्यमंत्रीp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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समस्याओं का गांव में ही निराकरण होगा -- मुख्यमंत्री प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आमजन की अधिकतम समस्याओं का निराकरण स्थानीय स्तर पर करने की दिशा में सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आज अपने गृह ग्राम जैत में आयोजित जनसमस्या निवार शिविर को संबोधित कर रहे थे। ग्राम में स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया था। जनसमस्या निवारण शिविर में करीब साढे पांच सौ समस्याओं का निदान किया गया वहीं स्वास्थ्य शिविर में करीब 700 व्यक्तियों को उनकी जरूरत के मुताबिक इलाज मुहैया कराया गया। पशु चिकित्सा शिविर में 136 पशुओं का उपचार और साढे चार सौ पशुओं के लिए दवा वितरण की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन करोड़ 99 लाख रूपयों की राशि के किसान क्रेडिट कार्ड और तेरह व्यक्तियों को मुख्यमंत्री सहायता कोष की राशि से 66 हजार के चैक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी गरीब व्यक्ति इलाज का मोहताज नहीं रहेगा। सरकार ने यह निश्चय किया है कि स्वास्थ्य शिविरों का बड़े पैमाने पर आयोजन कर गरीबों को उनके गांव में ही जरूरी इलाज मुहैया कराया जाएगा। इसी तरह आमजन को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए सरकार द्वारा जिला और खण्ड स्तर पर शिविर लगाना सुनिश्चित किया है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की माली हालत सुधारने और उनकी समस्याएं दूर करने की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होने हाल ही में फसल बीमा की इकाई पटवारी हल्का किए जाने के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि अब संकट की घड़ी में किसानों की वास्तविक रूप से मदद की जा सकेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुधनी क्षेत्र की सड़कों में सुधार के लिए करीब 16 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है जिस पर शीघ्र काम शुरू होने जा रहा है। क्षेत्र में शुगर फेक्ट्री स्थापित करने पर विचार किया गया है। उन्होने क्षेत्र के किसानों का आव्हान किया कि वे गन्ना उत्पादन की ओर विशेष ध्यान दें। उन्होने बताया कि जैत में तीन लाख का सोसायटी भवन मंजूर किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 30 अगस्त को एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया जा रहा है जिसमें किसानों की समस्याओं पर विचार करते हुए कृषक हित में निर्णय लिए जाएंगे। उन्होने कहा कि यदि जरूरी हुआ तो राजस्व पुस्तक परिपत्र में भी संशोधन किए जाएंगे। इस अवसर पर म.प्र. राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, बुधनी नगर पंचायत अध्यक्ष श्री आजाद सिंह राजपूत , जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री रमा कान्त भार्गव, सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महेश उपाध्याय, मंडी अध्यक्ष श्री चौहान सिंह चौहान, जिला पंचायत प्रतिनिधि श्री वीरसिंह चौहान, कलेक्टर श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरूण कुमार तोमर, वनमंडलाधिकारी श्री चरण जीत सिंह मान सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद थे।
अपने ही घर में मेहमान बनेंगें कलेक्टर साहबp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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अपने ही घर में मेहमान बनेंगें कलेक्टर साहब मुरैना ! स्वतंत्रता दिवस का गौरवशाली और गरिमापूर्ण अवसर कलेक्टर साहब के लिये खुशी का पल है या अपने मुकददर पर अफसोस करने का ! अबकी बार झण्डा वन्दन के जिला कार्यक्रम में जिले के मुखिया अपने ही जिले में मेहमान होंगें ! जिला प्रशासन के सर्वोच्च मुखिया को अपने ही घर में मेहमाननवाजी कराने का खुशनुमा पल मयस्सर कराने यह स्वतंत्रता दिवस उन्हें बतौर तोहफा नसीब हुआ है ! झण्डा वन्दन यूं तो शान और गरिमा की बात है ! लेकिन जब खुद ही आप मेजबान हों और खुद ही मेहमान तो क्या कहने ? बल्ले बल्ले ! खुद ही खुद का कार्ड छपवायें खुद ही खुद को अतिथि यानि मुख्य अतिथि बनायें ! जहे नसीब ! ऐसी किस्मत हरेक को कहाँ मिलती है ! हुआ ये कि जिला प्रशासन के जिला स्तरीय झण्डा वन्दन कार्यक्रम में अभी तक कोई मंत्री या प्रभारी या फलां ढिंकां अध्यक्ष या समाजसेवी झण्डा फहराता आया है ! लेकिन अबकी बार जब सरकार ने इनकी खोज की तो सारे के सारे पराये दल के मिले ! न.पा.अध्यक्ष कांग्रेस का है, जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस का है, फलां कांग्रेस का ढिकां भी कांग्रेस का ! प्रभारी मंत्री अन्यत्र व्यस्त ! स्थानीय मंत्री को भाव नहीं देना, एग्रो अध्यक्ष विवादों के साये में, काफी खोजबीन के बाद भी जब नतीजा सिफर रहा तो ऊपर से फरमान आया कि खुद ही हो जाओ अपने ही घर में मुख्य अतिथि ! अब अतिर्थि माने मेहमान होता है यह टेशन प्रशासन को साल रहा है ! मुखिया भी हिचक रहे हैं अपने ही घर में मेहमान बनने से ! पर सी.एम.खफा तो कलेक्टर दफा वाला फार्मूला भिण्ड में देख कर अब वे भी लगभग तैयार हैं अपने ही घर मेहमाननवाजी के लिये ! 20 अगस्त सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाएगाp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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20 अगस्त सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाएगा मुरैना ! आगामी 20 अगस्त का दिन सम्पूर्ण प्रदेश में सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाएगा। स्व. श्री राजीव गांधी के जन्म दिवस 20 अगस्त, 06 सद्भावना दिवस से राष्ट्रीय सौहार्द्र पखवाड़े की भी शुरूआत होगी। सौहार्द्र पखवाड़े में 20 अगस्त से 5 सितम्बर तक प्रदेश में सभी धर्म, जाति एवं भाषा के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द्र की भावना उत्पन्न करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश जारी किये हैं कि चूंकि दिनांक 19 एवं 20 अगस्त को शासकीय अवकाश है अत: अब 18 अगस्त 2006 को प्रात: 11 बजे सभी शासकीय कार्यालयों में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सद्भावना की प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी।
प्रभारी मंत्री पारस जैन 19 को मुरैना में वृक्षारोपण करेंगेp.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal
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प्रभारी मंत्री पारस जैन 19 को मुरैना में वृक्षारोपण करेंगे मुरैना ! जिले के प्रभारी मंत्री स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री पारस जैन 19 अगस्त को मुरैना में जिला योजना समिति और रोगी कल्याण समिति की बैठकों में भाग लेंगे। इसी दिन शाम को वे मुरैना में ही आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने के उपरान्त सबलगढ़ के लिए रवाना हो जायेंगे। श्री जैन 20 अगस्त को सबलगढ़ में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेने के पश्चात् ग्वालियर पहुँचेगे। शिक्षा राज्यमंत्री 21 अगस्त की सुबह उज्जैन पहुँचकर स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे।
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